हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज में कोरोना के ओमिक्रान समेत अन्य वैरिएंट की जांच के लिए मशीन तो पहुंच चुकी है लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। जांच का काम शुरू करने से पहले कर्मचारियों को प्रशिक्षण आदि दिया जाना है।
मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में कोरोना की जांच सुविधा सबसे पहले शुरू हुई थी। बाद में यहां पर कोरोना के वैरिएंट की जांच की सुविधा भी जुटाने का फैसला किया गया। कोरोना के ओमिक्रान जैसे वैरिएंट की जांच करने के लिए जीनोम सीक्वेसिंग की मशीन (नेक्स्ट जनरेेशन सीक्वेसिंग फैसिलिटी) मंगाई गई। हालांकि जब तक मशीन आई, तब तक कोरोना की तीसरी लहर जा चुकी थी। अब मशीन पहुंच चुकी है, मशीन पहुंचने के साथ इंस्टाल होने संबंधी प्रक्रिया पूरा होने का दावा मेडिकल कालेज प्रबंधन कर रहा है। जांच का काम कर्मियों की ट्रेनिंग और रजिस्ट्रेशन संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू हो सकेगा।
क्या कहता है प्रबंधन
हल्द्वानी। माइक्रो बायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश का कहना है कि मशीन से जांच शुरू करने से पहले एक बार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा पंजीकरण संबंधी औपचारिकता भी पूरी करनी है। इसके बाद जांच का काम शुरू किया जाएगा। इस मशीन के माध्यम से वैरिएंट के अलावा कई तरह के कार्य, रिसर्च आदि किए जा सकेंगे। डॉक्टरों के अनुसार यह मशीन कई तरह से इलाज में मददगार होगी। यह मशीन करीब तीन करोड़ की लागत से खरीदी गई थी। पूर्व तक स्वास्थ्य विभाग ओमिक्रान के वैरिएंट के बारे में पता करने के लिए सैंपल को देहरादून मेडिकल कॉलेज भेजता था।
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जिले में एक नया कोरोना का मरीज मिला
हल्द्वानी। जिले में सोमवार को कोराना का एक नया मरीज मिला है। मंडल में चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिले में भी एक-एक कोरोना के मरीज मिले हैं। अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कोई भी नया रोगी नहीं मिला है। सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी का कहना है कि कोरोना की सैंपलिंग बढ़ाने का फैसला किया गया है।