अब सुशीला तिवारी अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की उपस्थिति मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) दिल्ली में बैठकर भी जांच लेगा। हाजिरी लगाने की व्यवस्था ऑनलाइन किए जाने के संबंध एमसीआई की ओर से प्राचार्य को पत्र भेजा गया है।
एसटीएच और मेडिकल कॉलेज में डाक्टर सुबह पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते थे। इसके बाद बीच में अस्पताल या मेडिकल कॉलेज से गायब हो जाते थे। इस संबंध में कई बार शिकायतें मिली थीं। एमसीआई की टीम के औचक निरीक्षण में भी कई बार डॉक्टर नदारद मिले, जबकि डॉक्टरों की उपस्थिति दर्ज थी।
एमसीआई ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की तत्काल व्यवस्था करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में प्राचार्य को पत्र भेजा गया है। एमसीआई ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को आठ बायोमेट्रिक मशीनें भी भेजी हैं।
एक सप्ताह के भीतर मशीनें लगवाने के बाद रिपोर्ट एमसीआई को भेजी जाएगी। एमसीआई की टीम आकर डॉक्टरों के फिंगर प्रिंट लेगी। इस व्यवस्था के बाद एमसीआई के अधिकारी दिल्ली में बैठकर डॉक्टरों की उपस्थिति के बारे में जान सकेंगे। इसके अंतर्गत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजीडेंट, जूनियर रेजीडेंट के अलावा नॉन पीजी भी दायरे में आएंगे।
- डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज।