हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के एमए (इतिहास) के तीसरे सेमेस्टर के ज्यादातर विद्यार्थी फेल हो गए। किसी को दो तो किसी को चारों पेपरों में जीरो नंबर मिले हैं। परीक्षा परिणाम देखकर छात्र चिंतित हैं। जिन विषयों में उन्हें अच्छे नंबर मिलने की उम्मीद थी उनमें जीरो मिला है। अब 11 जुलाई से चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं हैं। ऐसे में विद्यार्थियों ने परीक्षा कॉपियों की दोबारा जांच की मांग उठाई है।
एमए (इतिहास) के तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 30 मार्च से 11 अप्रैल तक हुईं थीं। 18 जून को परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। एमबीपीजी कॉलेज में करीब 80 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें ज्यादातर फेल हो गए हैं। चारों पेपरों में जीरो देख परीक्षार्थी हैरान हैं। उनका कहना है कि सभी प्रश्नपत्रों के जवाब अच्छे से दिए थे। एक विषय में फेल होना तो समझ में आता है, लेकिन सभी विषयों में ज्यादातर छात्रों का फेल होना समझ से परे है।
उनका आरोप है कि कुमाऊं विवि की ओर से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही से नहीं किया गया है, इस कारण वे फेल हुए हैं। चिंता की बात यह है कि वे चौथे सेमेस्टर की तैयारियों में जुटे थे। 11 जुलाई से चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी हैं। ऐसे में विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करने की मांग उठाई है। (संवाद)
केस 1
मैं एमए इतिहास तृतीय सेमेस्टर की छात्रा हूं। मेरे सभी विषयों में जीरो अंक आए हैं जबकि मैंने सभी प्रश्नपत्र अच्छे से हल किए थे। सभी विषयों में जीरो मिलना हैरत में डालता है। यह मूल्यांकन में की गई लापरवाही है। -नीलम।
केस 2
मैंने सभी विषयों के प्रश्नपत्रों का जवाब अच्छे से दिया था। मैं दूसरे सेमेस्टर में प्रथम आई थी। तीसरे सेमेस्टर में मेरे में दो विषयों में जीरो अंक आए हैं। कॉपियों की जांच दोबारा होनी चाहिए। -अंजलि सुयाल।
केस 3
मुझे सभी विषयों में जीरो अंक मिले हैं जबकि मैंने सभी विषयों के उत्तर अच्छे से दिए थे। एक विषय में जीरो आना समझ आता है लेकिन सभी विषयों में जीरो मिलना समझ से बाहर है। कॉपियों की दोबारा जांच कराऊंगी। -अंकिता।
मैंने सभी परीक्षाओं के उत्तर अच्छे से दिए थे। इसके बावजूद मैं फेल हो गया हूं। कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरती गई है। इस कारण अधिकतर विद्यार्थी फेल हुए हैं। - हेम चंद्र पलड़िया।
सेमेस्टर में ग्रेड सिस्टम के आधार पर परीक्षाफल घोषित होता है। 36 प्रतिशत से नीचे अंक होने पर परिणाम जीरो हो जाता है जिन विद्यार्थियों के जीरो अंक आए हैं, वे आरटीआई के तहत उत्तर पुस्तिकाएं मांग सकते हैं। एक सप्ताह के भीतर ये मिल जाती हैं। इसके बाद विद्यार्थी संबंधित प्राध्यापक से इसकी जांच करा सकते हैं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही से किया गया है।
-प्रो. एचसीएस बिष्ट, परीक्षा नियंत्रक, कुमाऊं विवि।
प्राचार्य को दिया ज्ञापन
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के एमए इतिहास विषय के तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने प्राचार्य डॉ. एनएस बनकोटी को ज्ञापन देकर उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सही से नहीं की गई है। इसमें अनियमितता बरती गई है। विद्यार्थियों को कई विषयों में शून्य अंक दिए गए हैं।
उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में हेम चंद्र पलड़िया, विशाल राणा, मंजू टम्टा, मौसमी राणा, पूजा कुंवर, कुलदीप सिंह बोरा, अंजू बिष्ट, दिनेश चंद्र भट्ट, सोनू गौर और पूजा कुंवर थे।