हल्द्वानी। कैलास मानसरोवर यात्रियों का तीसरा दल सोमवार को काठगोदाम स्थित केएमवीएन के विश्राम गृह पहुंचा। 41 सदस्यीय दल में तीस पुरुष और 11 महिलाएं हैं। दोपहर में विश्राम करने के बाद दल आगे की यात्रा के लिए अल्मोड़ा रवाना हो गया, जो देर शाम अल्मोड़ा पहुंच गया।
कैलास मानसरोवर यात्रियों के काठगोदाम स्थित केएमवीएन विश्राम गृह पहुंचने पर कुमाऊंनी परिधान में सजी बालिकाओं ने तिलक लगाकर स्वागत किया। मंडलीय प्रबंधक (साहसिक पर्यटन) डीके शर्मा ने यात्रियों को फूलमाला पहनाकर सन कैप भेंट की। दल में गुजरात व राजस्थान से सात-सात, दिल्ली और हरियाणा से छह-छह, उत्तर प्रदेश से पांच, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से दो-दो और वेस्ट बंगाल, महाराष्ट्र, चंडीगढ़ व तमिलनाडु से एक-एक यात्री ने भागीदारी की है।
30 वर्षीय गुजरात निवासी नेहा बारोद दल में सबसे कम और चंडीगढ़ की 63 वर्षीय रमन मान सबसे अधिक उम्र की यात्री हैं। हल्द्वानी और नैनीताल से भी दो यात्री दल में शामिल हैं। दल के जनसंपर्क अधिकारी दिल्ली जल संसाधन मंत्रालय के डिप्टी कमिश्नर सुरेश्वर सिंह बोनाल ने बताया कि सभी यात्री बेहद उत्साहित होकर यात्रा कर रहे हैं। इस दौरान प्रबंधक आरसी पांडे, वरिष्ठ प्रबंधक महेश चंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे।
चंडीगढ़ की 63 वर्षीय रमन मान पहली बार यात्रा पर जा रही हैं। रमन के अनुसार भगवान शिव में आस्था ने ही उन्हें यात्रा के लिए प्रेरित किया है।
अहमदाबाद गुजरात की नेहा बारोद भी पहली बार यात्रा पर जा रही है। नेहा बताती हैं टीवी पर कैलास मानसरोवर यात्रा को देखकर उन्हें यात्रा पर जाने की प्रेरणा मिली।
काठगोदाम शीशमहल के मनोज तिवारी की यह पहली यात्रा है। पूर्व में टीआरसी पहुंचे कैलास यात्रियों का उत्साह देखकर उनके मन में यात्रा की इच्छा जगी।
नैनीताल के कमल किशोर आश्रम में निवास करते हैं। पहले भी कैलास मानसरोवर की यात्रा कर चुके कमल आगे भी यात्रा पर जाने की मंशा बनाये हैं।