फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वजन में खेल से 24 करोड़ का होगा हेरफेर!

Thu, 16 Apr 2015 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
विज्ञापन
विज्ञापन
गौला में खनन मात्रा बढ़ाने को लेकर हर तरह के जुगाड़, दबाव लगाने की चर्चा है। नदी में ज्यादा दिन तक खनन चल सके और तय मात्रा का नियम भी नहीं टूटे, इसलिए वजन में ‘खेल’ कर रास्ता निकालने और करोड़ों रुपए इधर से उधर करने को लेकर सौदेबाजी की अफवाह भी उड़ रही है।
विज्ञापन


गौला में 54 लाख घनमीटर खनिज निकासी होती थी। इसे सेंट्रल स्वायल वाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ इंडिया की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर करीब 11 लाख घनमीटर कम कर दिया गया है। इससे नदी में खनन 22 अप्रैल तक ही बंद होने के आसार हैं। ऐसे में खनन से जुड़े लोग खनन की अवधि बढ़ाने और ‘कमाई’ करने की हर तरह की कोशिश में लगे हैं।

इन दिनों जो चर्चा हैं, उसमें वजन में खेल कर यह करने की योजना है। अभी तक एक घनमीटर में 18 क्विंटल खनिज निकालने का मानक है। अब इसी मानक को बढ़ाकर करीब 22 क्विंटल करने की योजना है। अनुमान है कि इससे घनमीटर के नियम भी नहीं टूटेंगे और खनिज (तय 44 लाख घनमीटर को 22 क्विंटल से गुणा किया जाए तो) भी आठ लाख घनमीटर ज्यादा निकाला जा सकेगा।
विज्ञापन


इसके लिए बस तौल को लगे कंप्यूटर में कुछ बदलाव करना भर होगा। अगर यह बदलाव हुआ तो इससे न केवल खनन अवधि बढ़ेगी, बल्कि खनन से जुड़े लोगों को एक झटके में 24 करोड़ से ज्यादा का खनिज मुफ्त में मिल जाएगा, जबकि घनमीटर में कोई बदलाव नहीं होने से सरकार को राजस्व नहीं के बराबर ही मिलेगा। इस आदेश से अगले सत्र में भी खनन से जुड़े लोगों को खूब लाभ होगा। हालांकि इन बातों की पुष्टि नहीं हो सकी है, पर खनन से जुड़े लोग इस संबंध में जल्द आदेश होने की संभावना जता रहे हैं।

आईआईटी रुड़की ने तय किया था मानक
सीएसडब्ल्यूआरटीआई जो खनन की मात्रा तय करता है, वह घनमीटर में होता है, जबकि गेट कांटों से खनिज क्विंटल में तौल कर निकलता है, इसे लेकर 2004-05 में जब गेटों पर कांटे लगे थे, तभी माथापच्ची, खींचतान हुई थी। खनन से जुड़े लोगों के अनुसार तब इसकी घनमीटर का क्विंटल में हिसाब लगाने का जिम्मा आईआईटी रुड़की को सौंपा गया। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही एक घनमीटर में 18 क्विंटल का मानक तय किया गया। हालांकि खनन से जुड़े लोग इसे बढ़ाने को लेकर अंदरखाने दबाव बनाते रहे हैं।

24 करोड़ का अनुमान
8 लाख घनमीटर को 22 रुपए के हिसाब से क्विंटल में बदलते हैं, तो 1 करोड़ 76 लाख क्विंटल वजन निकलता है। अगर एक क्विंटल का मूल्य 14 रुपए है और वजन को राशि से गुणा किया जाए, तो उसकी राशि 24 करोड़ से ज्यादा निकलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें