गर्मी का प्रकोप कहर ढा रहा है। इसकी वजह से डायरिया के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आलम यह है कि बेस अस्पताल के बाल रोग वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखा गया है। डायरिया के साथ ही वायरल के रोगियों के आने का भी सिलसिला कायम है। बृहस्पतिवार को ही डायरिया से पीड़ित 17 बच्चों को बेस अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया।
इनमें अभिषेक (06 माह) डहरिया, राधिका (01 वर्ष) रेलवे स्टेशन, कैफ (15 माह) लाइन नंबर 16, अयान (01 वर्ष) लालकुआं, फलक (2.6 वर्ष) आजाद नगर, अनस (1.6 वर्ष) लाइन नंबर 16 आजाद नगर, निकहत (09 वर्ष) गफूर बस्ती, सिदरा (1.6 वर्ष) इंदिरा नगर, सौम्या (03 वर्ष) गौलापार, उजेबा (02 वर्ष) इंदिरा नगर, कृष्णा (09 माह) जीतपुर, आहिल (01 वर्ष) लालकुआं, असरा (01 वर्ष) ढोलक बस्ती, अमन (1.6 वर्ष) राजपुरा, शिफा (14 माह) गफूर बस्ती, फरमान (04 वर्ष) गौला गेट और अफान (08 माह) लाइन नंबर 10 शामिल रहे।
इनका है कहना
खुले हुए खाद्य पदार्थों और दूषित पेयजल के सेवन की वजह से डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। गर्मी अधिक होने के कारण वायरल भी फैल रहा है। तेज बुखार होने के कारण बच्चों को उल्टी की भी शिकायत हो रही है। उन्हें चक्कर की शिकायत बढ़ी है।
डा. नीरज त्रिपाठी, बाल रोग विशेषज्ञ, बेस अस्पताल
वायरल हो तो यह करें...
= बच्चे को नियमित रूप से स्नान कराएं।
= तेज बुखार हो तो ठंडे पानी की पट्टी माथे पर रखें।
= फल और हरी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन कराएं।
= खीरा, ककड़ी, खरबूजा, तरबूज समेत तरल पदार्थ दें।
= अधिक से अधिक स्वच्छ पानी पिलाएं।
-बच्चे को अधिक तला-भुना, मसालेदार खाने को न दें।
=बच्चे को धूप में न निकलने दें, अधिक कपड़े न पहनाएं।