भीमताल/पहाड़पानी(नैनीताल)। चार महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाले आदमखोर तेंदुए की पहचान चार महीने बाद भी नहीं हो पाई है। देहरादून भेजी गई डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है जिससे असली कातिल का पता चल सके।
मंगलवार को कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने भीमताल में वन विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में सवाल किया था। अधिकारियों ने रिपोर्ट नहीं आने का हवाला देकर जवाब देने से इन्कार कर दिया। धारी ब्लॉक, ओखलकांडा और भीमताल में चार महीने पहले चार महिलाओं की जान गई थी। वहीं, एक महीने पहले भीमताल के सूर्याजाला में भी एक महिला वन्य जीव के हमले का शिकार हुई थी। विभाग ने छह तेंदुओं और एक बाघ को पकड़कर रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा है। पहचान न होने के कारण सभी पकड़े गए जानवर अभी भी रेस्क्यू सेंटर में ही कैद हैं।