खनन माफिया द्वारा आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी और उनके साथी मुनीश कुमार पर किए गए जानलेवा हमले और ग्रामीणों के उत्पीड़न के खिलाफ सोमवार को वीरपुर लच्छी गांव में हुई महापंचायत में जनसैलाब उमड़ पड़ा। रामनगर के अलावा अन्य क्षेत्रों से आए जन प्रतिनिधियों ने जनता से खनन माफिया मुक्त समाज के लिए बड़ी लड़ाई के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। महापंचायत के मददेनजर प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल, अग्निशमन वाहन के साथ ही चप्पे-चप्पे पर खुफिया विभाग के अधिकारियों को तैनात किया था।
गांव के बीच में हुई महापंचायत ‘लड़ना है भाई, यह तो लंबी लड़ाई है’ जनगीत के साथ शुरू हुई। महापंचायत में मुनीश कुमार और अन्य वक्ताओं ने क्रशर मालिक सोहन सिंह और उसके पुत्र डीपी सिंह की गिरफ्तारी की मांग समेत कई प्रस्ताव पारित करते हुए आंदोलन के अगले चरण की भी घोषणा की। बताया कि 13 अप्रैल को जलियांवाला बाग दिवस पर महापंचायत की मांगों/प्रस्ताव को लेकर प्रदेश में तहसील और जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार 10 जनपथ (दिल्ली) से चलती है। अत: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी तिथि 13 अप्रैल को ही घोषित की जाएगी।
परिवर्तनकामी छात्र संगठन के कमलेश ध्यानी के संचालन में हुई महापंचायत में वक्ताओं ने पूरे प्रदेश में माफिया राज होने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अपने हकों के लिए संघर्ष कर रही है, जिसे बंदूकों की नोक पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अवैध धंधों के बल पर अकूत दौलत कमाकर दबंगों ने सत्ता पर भी अवैध कब्जा कर रखा है। कांग्रेस-भाजपा की सरकारों ने ऐसे लोगों को मंत्री का दर्जा देकर इनकी हनक को और बढ़ाने का काम किया है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूरे देश में किसानों-मजदूरों पर हमले बढ़ रहें है, जिनका मुकाबला करने के लिए सभी को एक मंच पर आकर इन ताकतों का विरोध करना होगा। महापंचायत को राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी व मुनीश कुमार के अलावा चंदो देवी, इंद्र सिंह मनराल, बिंदु गुप्ता, ललित उप्रेती, मनीष सुंदरियाल, पुरुषोत्तम शर्मा, गणेश रावत, कैलाश भट्ट, नवीन नैथानी, प्रेम अरोरा, पूरन चंद्र कफलटिया, कैलाश पांडे, अमर सिंह, पीसी तिवारी, सुरेश डाला कोटी, नवीन सुनेजा, अजय शर्मा, बाबू सिंह तोमर, चंद्रशेखर करगेती, सोमल सिंह, मनमोहन अग्रवाल, प्रताप सिंह, कैलाश खुल्बे, पप्पू सिंह, राम चंद्र कल्याणपुरी, नारायण सिंह, मोहन पाठक, गिरीश मठपाल, चंदबल्लभ छिम्वाल आदि ने संबोधित किया। धरने को और उग्र बनाने के लिए महापंचायत में इच्छानुसार 10 हजार रुपए चंदा भी एकत्र किया गया।
सत्ता और प्रशासन का सुनियोजित था हमला
रामनगर। राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी सोमवार को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी से छुट्टी मिलने के बाद राज्य आंदोलनकारी मोहन पाठक के साथ सीधे महापंचायत वीरपुर लच्छी गांव में पहुंच गए। उनके पहुंचते ही महापंचायत में जहां महिलाओं ने हाथ जोड़कर उनका अभिनंदन किया, वहीं वीरपुर लच्छी गांव प्रभात ध्यानी जिंदाबाद के नारों से गूंजने लगा। इसी बीच ध्यानी ने आरोप लगाया कि सत्ता और प्रशासन के संरक्षण में सुनियोजित ढंग से उन पर और मुनीश कुमार पर हमला किया गया।
ध्यानी ने कहा कि पुलिस प्रशासन की ताकत अब खनन माफिया के हाथ में आ गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मांग है कि जल्द से जल्द स्टोन क्रशर स्वामी सोहन सिंह और उसके पुत्र डीपी सिंह को गिरफ्तार करें और उनके स्टाकिस्टों की बाहरी अधिकारियों से जांच कराई जाए। हालांकि अभी तक इन लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने से दुखी ध्यानी ने कहा कि अब सरकार से उम्मीद भी कम ही है। उन्होंने कहा कि अब जनता ही तय करेगी कि चाहे जान चली जाए, माफिया के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। ध्यानी ने सभी संगठनों, विधायकों सहित सभी सहयोगियों का ख्याल रखने पर आभार व्यक्म किया।
ये गांव थे महापंचायत में शामिल
रामनगर। महापंचायत में छोनपुरी, मल्लपुरी, वीरपुर तारा, राजपुर, लंबरदारपुरी, पीपलसाना, ललितपुर, बेरिया, थारी, कंदला, जुड़का, ढकिया, बन्नाखेड़ा, किला बनवारी, भीकमपुरी, बेरिया दौलत, खेमपुर, गांधीनगर, कल्याणपुरी और मालधनचौड़ गांव शामिल थे।
महापंचायत में शामिल संगठन
रामनगर। उपपा, क्रालोस, पछास, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, इंकलाबी मजदूर केंद्र, आप, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद, ठेका मजदूर कल्याण समिति, ईको सेंसिटिव जोन विरोधी संघष समिति, देव भूमि उद्योग व्यापार मंडल, आरडीएफ, भाकपा माले, अखिल भारतीय किसान महासभा, बुक्सा जनजाति परिषद, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, उक्रांद और उत्तराखंड बेरोजगार संगठन।
ट्रांसपोर्टरों ने भी दिया एसडीएम को ज्ञापन
रामनगर। वीरपुर लच्छी गांव में विवादित रास्ता खोले जाने की मांग को लेकर ट्रांसपोर्टरों ने एसडीएम एसएस जंगपांगी को ज्ञापन सौंपा। ट्रांसपोर्टरों ने कहा जिस मार्ग को लेकर विवाद चल रहा है, उसी मार्ग से उनके वाहन उपखनिज लेकर आते-जाते हैं। काफी समय से विवाद के कारण उक्त मार्ग बंद होने से उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ट्रासंपोर्टरों ने कहा कि इस रास्ते के मामले में कोर्ट का स्टे होने के बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने जल्द ही इस मार्ग के नहीं खुलने पर परिवार सहित सड़क पर बैठने का एलान किया है। इस दौरान गुरपेज सिंह बाजवा, भूपेंद्र सिंह, बलविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह, जसवीर सिंह, प्रेम सिंह, पूरन सिंह, होरी सिंह, जसवंत सिंह आदि थे।
आज और कल वकील न्यायिक कार्यों से रहेंगे विरत
रामनगर। प्रभात ध्यानी, मुनीष कुमार पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर क्षेत्र के वकील सात और आठ अप्रैल को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। बार एसोसिएशन के सचिव चंद्रशेखर नैनवाल ने बताया कि सात अप्रैल को वकील न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। आठ अप्रैल को विरोध स्वरूप रामनगर बार एसोसिएशन के वकील शहर की सड़कों से कोतवाली तक विरोध-प्रदर्शन कर कोतवाल कैलाश पंवार को ज्ञापन सौंपेंगे।
शिक्षक संगठन ने सीएम को भेजा ज्ञापन
रामनगर। राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी, मुनीश कुमार पर जानलेवा हमला करने वाले दोषियों की गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर उत्तराखंड पर्वतीय शिक्षक संगठन ने सीएम को ज्ञापन भेजा। इसमें कहा गया है कि शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शिक्षक नेता आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष नवेंदु मठपाल, जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह गहतोड़ी, नवीन घिल्डियाल, दीवान सिंह बिष्ट हरीश पपनै, नंदराम आर्य आदि थे।