नैनीताल। हाईकोर्ट ने इथियोपिया में नौकरी दिलाने के नाम पर भेजे गए युवक से जुड़े मामले में आपसी समझौते के आधार पर दर्ज मुकदमे और निचली अदालत में चल रहीं सभी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया है।
न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। थाना गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) निवासी मनदीप सहित अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि आठ अप्रैल 2026 को शिकायतकर्ता राजकुमार ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनके भतीजे रोहित कुमार को हिमांशु शर्मा के जरिये रोजगार दिलाने के आश्वासन पर इथियोपिया भेजा गया। इसके लिए 15 लाख रुपये तय हुए थे जिनमें से 5.65 लाख रुपये पहले लिए गए। रोहित कुमार को भारत से बैंकॉक और दुबई होते हुए इथियोपिया भेजा गया, जिसके बाद उनसे संपर्क टूट गया।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि रोहित कुमार को वहां बंधक बनाकर रखा गया। हाथ-पैर बंधे और चोटिल हालत की तस्वीरें भी परिवार को मिलीं। दर्ज एफआईआर में हिमांशु शर्मा, अभिमन्यु, श्वेता, त्रिलोचन सिंह, मनदीप और अन्य अज्ञात लोगों की संलिप्तता बताई गई। आरोप के अनुसार एक भारतीय कंसल्टेंसी से संपर्क के बाद रोहित को किसी तरह भारत लाया गया। याचिकाकर्ता मनदीप सिंह की ओर से कहा गया कि उन्हें केवल पीड़ित के बयान के आधार पर आरोपी बनाया गया है। उनकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं बताई गई। कहा गया कि शिकायतकर्ता और पीड़ित से ली गई रकम उन्हें लौटाई जा चुकी है। समझौता प्रार्थनापत्र में यह भी कहा गया कि पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद सुलझा लिया है और रकम लौटाई जा चुकी है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत में चली रहीं सभी कार्यवाहियों को रद्द कर दिया है।