बचत खातों में अब तीन लाख या अधिक जमा प्रतिमाह करेंगे तो आप पूछताछ के दायरे में आ सकते हैं। बैंक इसकी सूचना एफआईयू (फाइनेंस इंटेलीजेंस यूनिट) को दे सकती है। बैंक से पूर्व में भी एक वर्ष में सिर्फ 120 बार ही नगदी निकालने का नियम था।
इसके बाद बैंक एक निर्धारित शुल्क खाताधारक से लेती रही है। खास बात ये है कि चालू खाते (करंट एकाउंट) इसके दायरे में नहीं आएंगे। नोटबंदी के बाद से ही लोगों के खातों की निगहबानी जांच एजेंसियों ने तेज कर दी थी।
बचत खाते और जनधन खातों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। दस लाख या इससे अधिक की रकम बचत खाते में जमा होने पर बैंक इसे हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन मानता है। हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन के लिए अलग से रजिस्टर में विवरण दर्ज किया जाता है और जानकारी एफआईयू को दी जाती है।
ये जानकारी आटोमेटिक कंप्यूटर से एफआईयू के पास चली जाती है। सूत्रों की मानें तो अब बचत खाते में तीन लाख या इससे अधिक जमा करने की सूचना भी बैंक एफआईयू को दे सकता है।
हालांकि अभी इसको लेकर केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय या आरबीआई की ओर से कोई गाइड लाइन जारी नहीं हुई है मगर राशि सीमा घटने को लेकर चर्चा चल रही है। पूर्व में भी बचत खाते से वर्ष में 120 ट्रांजेक्शन करने की छूट थी। इसके बाद ट्रांजेक्शन करने पर बैंक निर्धारित शुल्क लेता था।