भीषण गर्मी के चलते इन दिनों लीची की फसल को खासा नुकसान हो रहा है। मौसम में नमी नहीं होने से लीची के फलों में मिठास नहीं है। इस वजह से बागवानों की माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
रामनगर की लीची की मिठास को देखते हुए इसकी मांग काफी रहती है। चडीगढ़, दिल्ली, लखनऊ, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, बरेली सहित आदि शहरों में लीची की सप्लाई की जाती है। लीची लेने के लिए आढ़ती रामनगर पहुंच चुके है, लेकिन लीची की फसल देखकर उचित दाम नहीं दे रहे है।
उद्यान प्रभारी अर्जुन सिंह परवाल ने बताया कि मौसम में आए बदलाव के चलते इस बार दस लेट लीची बाजार में आयी है। भीषण गर्मी और बारिश न होने लीची की फसल पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाया है। इस कारण लीची का गुदा (पल्प) नहीं बना और आकार में छोटी हो गई है।