काठगोदाम स्टेशन पर 25 अगस्त को मुरादाबाद पैसेंजर के मॉक ड्रिल के बाद कर्मचारियों पर गाज गिरी है। अपुष्ट जानकारी के अनुसार तीन कर्मियों को निलंबित करने के साथ ही काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक का तबादला हल्द्वानी रेलवे स्टेशन कर दिया गया है।
काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर दोपहर में मुरादाबाद पैसेंजर के पहिये उतर गये थे। इसको लेकर खलबली मच गई। बाद में पूर्वोत्तर रेलवे ने इसे मॉक ड्रिल बताया था। अब बताया जाता है कि इस मॉक ड्रिल के बाद रेलवे अधिकारी और कर्मचारियों पर गाज गिर गई है।
सूत्रों के अनुसार मामले में काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक डीसी जोशी का तबादला हल्द्वानी रेलवे स्टेशन कर दिया गया है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर तैनात चयन राय को काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बताया जाता है कि इसके अलावा शंटिंग के वक्त शामिल तीन कर्मचारी (कांटे वाले) को निलंबित कर दिया गया है। मामले में 29 अगस्त को जांच के लिये एक टीम भी आ सकती है।
हालांकि इस मामले की विभागीय पुष्टि नहीं हो सकी है। डीआरएम इज्जतनगर मंडल से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन डायवर्ट था। काठगोदाम स्टेशन प्रबंधक डीसी जोशी का फोन भी दूसरे रेल कर्मी के पास था।
हल्द्वानी स्टेशन प्रबंधक चयन राय से भी पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
कार्रवाई की नहीं जानकारी: सिंह
इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि निलंबन या स्थानांतरण संबंधी किसी भी कार्रवाई की जानकारी संज्ञान में नहीं है। निलंबन और स्थानांतरण अन्य मामलों में भी हो सकता है।
निलंबन सजा नहीं होती है, यह केवल इस लिये किया जाता है कि जांच आदि प्रभावित न हो। उनका कहना था कि बृहस्पतिवार को केवल ट्रेन डिरेल नहीं हुई थी, छोटे स्तर की यह मॉक ड्रिल थी। सीपीआरओ गोरखरपुर संजय यादव का कहना है कि उनके संज्ञान में भी कार्रवाई की बात नहीं है।