काशीपुर। कचनालगाजी स्थित लालढांग कॉलोनी में तेंदुआ घुस आने से कॉलोनीवासियों में दहशत फैल गई। तेंदुआ एक घर के आंगन में बैठे कुत्तों पर झपट पड़ा। छत पर बैठे गृहस्वामी ने शोर मचाकर ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। शोर होने पर तेंदुआ भाग निकला। मौके पर तेंदुए के पैरों के निशान देखे गए।
कचनालगाजी लालढांग कॉलोनी निवासी राजेंद्र जेठा का परिवार 10 वर्ष पूर्व झिरना 4 रेंज रामनगर से आकर यहां बसा है। यहां लालढांग से विस्थापित हुए अन्य परिवार भी है। बृहस्पतिवार की रात करीब 9:30 बजे जेठा मकान की छत पर बैठे थे। नीचे आंगन में कुछ कुत्ते बैठे थे। अचानक एक तेंदुआ उनके घर के आंगन में आ गया। तेंदुआ वहां बैठे कुत्तों पर झपट पड़ा। बचाव में कुत्तों ने तेंदुए पर भौंकना शुरू कर दिया। राजेंद्र ने मोबाइल की टॉर्च से देखा तो उसे तेंदुआ कुत्तों पर झपटता दिखाई दिया। उस समय घर के अंदर उनकी मां जानकी और बहन बीना मौजूद थी। तेंदुए को देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने शोर मचा का ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। शोर सुनकर तेंदुआ रेलवे लाइन की ओर भाग निकला। घर के आंगन में तेंदुए के पंजों के निशान देखे गए। जेठा ने बताया कि एक माह पूर्व भी तेंदुआ गांव के कुत्ते को उठा ले गया था। गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। समाचार लिखे जाने वन विभाग के कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे थे।