भीमताल/पतलोट (नैनीताल)। पिछले सप्ताह ओखलकांडा में कहर बरपाने वाले तेंदुओं से ग्रामीणों को निजात दिलाने के लिए दो शिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। धैना गांव में महिला को मारने वाले तेंदुए को भी आदमखोर घोषित कर दिया गया है और उसे मारने के लिए बिजनौर से आए शिकारी ताद विन आसिम ने गश्त शुरू कर दी है। वहीं तुषराण गांव में गैरसैंण के शिकारी लखपत रावत ने कमर कस ली है।
हालांकि, दोनों शिकारियों को तेंदुए का पता नहीं चल पा रहा है। लखपत रावत ने तेंदुए की लोकेशन जानने के लिए वन विभाग की टीम के साथ काफी कोशिश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। अब तक तेंदुए के पंजों के निशान भी नहीं मिले। निशानों के लिए जंगल में मुलायम पदार्थ से बने पैड बिछाए गए हैं। जिसमें तेंदुए के पैरों के निशान छप जाएं और उसका पता लगाया जा सके। लखपत रावत ने बताया कि उन्होंने अब तक 55 आदमखोर तेंदुओं का शिकार किया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर लखपत के बेटे को भी बुलाया जाएगा।
चंपावत के जंगल में जाने की आशंका
वन विभाग के मुताबिक धैना और बजवाल गांव चंपावत खंड में आते हैं। पांच दिनों में तेंदुए के पिंजरे में भी नहीं आने के चलते विभाग को आशंका है कि कहीं तेंदुआ चंपावत के जंगलों में न चला गया हो। हालांकि लगातार धैना में कैमरों से नजर रखी जा रही है।
आदमखोर तेंदुआ ही बने निशाना : एसडीएम
धारी एसडीएम अनुराग आर्या ने बताया कि ओखलकांडा ब्लॉक के जिन क्षेत्रों में आदमखोर तेंदुए ने तीन लोगों को शिकार बनाया है उस क्षेत्र में और तेंदुए भी हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आदमखोर तेंदुए को ही मारा जाए। इसी का लक्ष्य रखा गया है।
मृतकों के परिजनों को दी आर्थिक सहायता
सोमवार को विधायक राम सिंह कैड़ा ने बजवाल गांव में मृत चंपा देवी और धैना ग्रामसभा में मृत खिमुली देवी के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की धनराशि दी। उन्होंने कहा कि शेष राशि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दे दी जाएगी। यह भी कहा कि शिकारियों के आने से कुछ राहत मिली है। इस दौरान देवीधूरा रेंजर सुनील शर्मा, रेंजर भींगराडा हिमालय सिंह तोलिया, कमल पांडे, योगेश बोरा, संजू बोरा, कमल पांडे, तारा जोशी, रमेश कांडपाल, जीवन पुजारी, प्रकाश देव आदि थे।