तभी तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक तेंदुआ उसे जंगल की ओर ले जा चुका था। सभी लोगों ने लड़की कोे ढूंढा। करीब आधे घंटे बाद जंगल में उसका शव मिला।
सूचना पर बैलपड़ाव रेंजर संतोष पंत, एसडीओ शिशुपाल सिंह रावत मोके पर पहुंचे। लोगों ने उनका घेराव कर दिया। उनका कहना था कि तेंदुआ कई दिनों से दिखाई दे रहा है। कई बकरियों को निवाला बना चुका है।
लोगों को शांत कराने के बाद कालाढूंगी एसओ दिनेश महंत ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। ममता दो भाइयों योगेश और दीपक की इकलौती बहन थी। दोनों भाइयों, मां रामवती और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।