दो दिन की मूसलाधार बारिश में रकसिया नाला तबाही के निशान छोड़ गया। दमुवाढूंगा से लेकर प्रेमपुर लोसज्ञानी तक नाले से भारी नुकसान हुआ ह। कई एकड़ धान की खेती चौपट हो गई। खेतों में धान की पौध की जगह रेता, पत्थर और पालीथिन भर गई है। उफनाए नाले ने कई जगहों पर जमीन बहाई और सड़कों को काटा है। अब बारिश हुई तो नाला भारी तबाही मचा सकता है। रेता, पत्थर और मिट्टी से नाला अधिकांश जगहों पर पट गया है। जिससे नाले की गहराई कम हो गई है।
रकसिया हर साल बरसात में तबाही मचाता है। नाले का उद्गम स्थल दमुवाढूंगा है। नाला शहर से होकर रामपुर रोड प्रेमपुर लोसज्ञानी तक आता है। प्रेमपुर लोसज्ञानी में नाले की निकासी बंद है। पानी खेत खलिहानों से होकर जंगल में चला जाता है। नाले की सुरक्षा दीवार पर करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं। स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका है। नाले के आसपास लोगों ने अतिक्रमण कर दिया है। शुक्रवार देर रात से रविवार शाम तक मूसलाधार बारिश से नाले ने तबाही मचाई। सड़कों को काटने और सुरक्षा दीवार तोड़कर जमीन बहाने से लेकर नाले के दोनों तरफ कई हेक्टेयर खेतों को बंजर बना दिया।
प्रेमपुर लोसज्ञानी, छडै़ल, बिरला स्कूल के आसपास धान के खेत रेता और पत्थर से पट गए हैं। काश्तकारों की मेहनत पर नाले ने पानी फेर दिया। अधिकांश जगहों पर नाले की गहराई कम हो गई है। नाले में पानी के साथ बहकर आया रेता, बजरी और मिट्टी जमा हो गई है। अब बारिश होने पर नाला ओवर फ्लो होने से ज्यादा नुकसान करेगा। नाले के आसपास रहने वाले परिवार दहशत में हैं। दमुवाढूंगा निवासी एनसी पांडे के मुताबिक दो साल से नाले की सफाई नहीं हुई है। जिससे नाला ओवर फ्लो होकर पानी आबादी में घुस रहा है।