नैनीताल। अमेरिका में लाखों रुपये की नौकरी छोड़ नैनीताल के दो युवाओं ने वतन वापसी की है। दोनों ही अमेरिका की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते थे। अपने देश और नैनीताल की आबोहवा दोनों को वतन खींच लाई। दोनों युवा नैनीताल में रहकर पहाड़ के उत्पाद को नई पहचान देने में जुटे हैं।
दोनों ही युवाओं का उद्देश्य दुकानदारों को डिजिटल करने के साथ पहाड़ के युवाओं को रोजगार दिलाना है। मल्लीताल निवासी चेतन बिष्ट और रितेश जोशी बताते हैं कि उन्होंने अमेरिका में करीब दस वर्ष तक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य किया। अब नैनीताल में खुद का कारोबार कर रहे हैं। दरअसल, युवा बाजार को मोबाइल पर लाना चाहते हैं। इसके लिए दोनों ने ग्राहक और दुकानदार को डिजिटल कनेक्ट करने के लिए एप तैयार किया हैं।
निशुल्क एप के माध्यम से दुकानदार जहां अपने दुकान की जानकारी रख पाएगा, वहीं ग्राहक भी इसी एप के माध्यम से सामान घर पर मंगा सकेंगे। दुकानदार को रोजाना का हिसाब कॉपी के बजाय एप में ही दर्ज करना होगा। उधार, मांगने वाले ग्राहकों की भी सूची इसमें बना सकेंगे। यह एप समय-समय पर ग्राहक को रुपयों के संबंध में स्वयं ही मैसेज भेज देगा।
युवाओं का है यह कहना
- दुकानदार का समय बचे इसके लिए एप तैयार किया गया है। साथ ही एप में ग्राहक के लिए भी स्कीम तैयार की गई है। एप के माध्यम से दुकानदारों को नए ग्राहकों से भी जोड़ने के लिए काम हो रहा है। - चेतन बिष्ट, प्रवासी
- दुकानदारों को डिजिटलाइजेशन से जोड़ना है। दुकानदार कहीं भी अपना सामान बेच सकते हैं। नैनीताल में किए गए सर्वे में सामने आया कि दुकानदार को यह मालूम नहीं है कि उसका कितना लेन-देन है। - रितेश जोशी