जीएसटी को लेकर राज्य कर विभाग ने प्रशिक्षण कार्यशाला की। इस दौरान कारोबारियों, अधिवक्ताओं, पेशेवर विशेषज्ञों को जीएसटी रिटर्न 1, 2, 3 और आईटीसी क्लेम करने के लिए ट्रान 1, 2, 3 भरने की बारीकियां सिखाईं गईं।
बुधवार को गौलापार स्थित राज्य कर दफ्तर के सभागार में कार्यशाला का शुभारंभ राकेश टंडन और एचसी भट्ट संयुक्त आयुक्त ने किया। इस दौरान देहरादून से आए उप आयुक्त श्याम सुंदर तिरुवा ने जीएसटी पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अगर कारोबारी अपनी खरीद फरोख्त का ब्योरा देगा तो जीएसटी आर 1, 2, 3 भरने होंगे, जबकि इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए ट्रान 1, 2, 3 भरने होते हैं। उन्होंने फार्म भरने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी। संचालन सहायक आयुक्त विनय प्रसाद ओझा ने किया। इस दौरान 125 से ज्यादा कारोबारी, अधिवक्ता आदि मौजूद थे।
ये है जीएसटी आर 1
जीएसटी आर 1, में सिर्फ बिक्री किये माल का ब्योरा देना होता है। यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रारूप में भरा जा सकता है। इसमें पंजीकृत कारोबारियों को माल भेजा जाता है तो बी टू बी और गैर पंजीकृत कारोबारी को देने पर बी टू सी आवेदन करना होता है।
इसी तरह डेबिट और क्रेडिट नोट भी दिया जा सकता है। इसमें सभी बिलों को लोड करना होता है। बाद में यह जिनको माल बेचा है उनके पास भी जीएसटी आर टू ए में चला जाता है। इसी के आधार पर दूसरे कारोबारियों को भी आईटीसी का लाभ मिलता है।
ये है जीएसटी आर 2
जीएसटी आर 2 में सिर्फ खरीदे गए माल का बिल आता है। कभी कभी ऐसा होता है कि कारोबारी ने कोई माल खरीदा है उसका बिल तो आन लाइन आ गया है लेकिन माल नहीं पहुंचा है तो कारोबारी पेंडिंग कर देंगे। जब माल प्राप्त हो जाएगा तब स्वीकृत करेंगे। इस पर कारोबार की संपूर्ण जानकारी होती है।
ये है जीएसटी आर 3
जीएसटी आर 3 उपरोक्त दोनों रिटर्न को मिलकर बना होता है। इस रिटर्न में खरीद फरोख्त दोनों का ब्योरा होता है।
जुलाई के जीएसटी आर भरने को बाकी है अवधि
जुलाई माह का जीएसटी आर 1 भरने की अवधि एक से पांच सितंबर, आर 2 की छह-दस और आर 3 की 11-15 सितंबर है। इसी तरह अगस्त का आर 1 भरने के लिए 16-20 सितंबर, आर 2 के लिए 21-25 और आर 3 की 26-30 सितंबर है। इसी तरह जुलाई अगस्त की आईटीसी के लिए अंतिम तिथि 28 सितंबर है। ब्यूरो