हल्द्वानी। कोविड 19 के नोडल अधिकारी की शिकायत पर मुखानी पुलिस ने डॉ. लाल पैथ लैब के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि कोविड जांच की रिपोर्ट 16 दिन देर से देकर लैब ने मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोविड 19 के अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. कमल किशोर ने मुखानी थाने में तहरीर दी। डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि गणपति विहार फेज -1 फार्म नंबर तीन मानपुर पश्चिम निवासी एचएन पाठक ने 29 दिसंबर 2020 को उनके पास एक शिकायती पत्र भेजा था। कहा कि ऋतिका पाठक के कोरोना संक्रमण की जांच के लिए 12 दिसंबर को डॉ. लाल पैथ लैब मुखानी में सैंपल दिया था। आरोप लगाया कि लैब ने 16 दिनों बाद 28 दिसंबर को पॉजिटिव रिपोर्ट दी। देर से रिपोर्ट उपलब्ध कराने से कोविड 19 के अंतर्गत कोरोना संक्रमण की रोकथाम और इसके प्रसार के लिए किया जा रहा कार्य प्रभावित हुआ है। लैब ने अनुमति का उल्लंघन किया है। लैब संचालक ने 31 दिसंबर को अपनी गलती स्वीकार की है। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार डॉ. लाल पैथ लैब के संचालक के खिलाफ धारा 188, 269, 270, 56 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की विवेचना में लैब संचालक का नाम प्रकाश में आएगा।