उत्तराखंड बोर्ड अब परीक्षाओं में भाषा विषय में भी प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराई जाएंगी। इसके लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने मंथन कर शासन को पत्र भेजा है। बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2017 से लागू किया जा सकता है।
हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की भाषा विषय हिंदी, अंग्रेजी को छोड़कर लगभग सभी विषयों मेें प्रयोगात्मक परीक्षाओं का प्रावधान है। जिसमें हाईस्कूल विज्ञान में 20, गृह विज्ञान में 30 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा समेत सामाजिक विज्ञान, गणित में 20-20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होता है।
इसी तरह इंटरमीडिएट के भूगोल, गृहविज्ञान, मनोविज्ञान, रासायन विज्ञान, जीव विज्ञान, कंप्यूटर, संगीत में समेत अन्य विषयों में भी प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाती है। लेकिन दोनों कक्षाओं के भाषा विषय हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी में प्रयोगात्मक परीक्षाएं नहीं होती हैं। जिससे अधिकांश बच्चे अंग्रेजी में फेल हो जाते हैं।
इसी के तहत बोर्ड प्रशासन ने भाषा विषयों में भी प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराने पर विचार किया है। बोर्ड के सभापति आरके कुंवर ने बताया भाषा विषय में प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। शासन से हरी झंडी मिली तो हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी में भी प्रयोगात्मक परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी।