अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास जमीन का निरीक्षण होने के बाद भाजपा में भी जान आ गई है। कांग्रेस के प्रस्तावित प्रदर्शन की धार कम करने के लिए सोमवार को भाजपा के सारे स्थानीय नेता एकजुट हो गए। बाकायदा निरीक्षण को जमीन तय हो जाने के रूप में पेश किया गया और मिठाई बांटी गई। एक कदम आगे बढ़ते हुए भाजपा नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से ही पूछ लिया कि जमीन चयनित होने के बाद अब कांग्रेस अपना धरना स्थगित करेगी या नहीं।
गौलापार से अंतरराज्यीय बस अड्डे को शिफ्ट करने के सरकार के फैसले के बाद से ही स्थानीय भाजपा नेता दबाव में हैं। कांग्रेस बस अड्डे को कुमाऊं के लिए जरूरी परियोजना बता रही है और दावा कर रही है कि बस अड्डा अब पांच साल में भी नहीं बनेगा। कारण यह भी है कि बस अड्डे के लिए जमीन नहीं मिलेगी। नई जमीन के मुद्दे पर ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने 30 जनवरी को भूख हड़ताल पर बैठने को ऐलान किया था। इसी का तोड़ खोज रही भाजपा को यह मौका भी हाथ लग गया। सचिव परिवहन ने शनिवार को बस अड्डे की जमीन को लेकर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास की जमीन का निरीक्षण किया। भाजपा इसी निरीक्षण को जमीन चयनित हो जाने के रूप में पेश कर रही है।
सोमवार को ट्रांसपोट्र नगर के पास आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने बाकायदा मिठाई बांटी और दावा किया कि जमीन चयनित की जा चुकी है। इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, विधायक नवीन दुम्का, विधायक संजीव आर्य, पूर्व सांसद बलराज पासी, मेयर जोगेंद्र रौतेला सहित अन्य कई भाजपा नेता शामिल हुए।
बस अड्डे के लिए जमीन चयनित हो गई हैं। अब नेता प्रतिपक्ष अपना प्रस्तावित धरना स्थगित करें।
-प्रदीप बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष
अंतरराज्यीय बस अड्डा तो मेरे पहले कार्यकाल में स्वीकृत हो गया था। कांग्रेस पांच साल में बस अड्डा क्यों नहीं बना पाई।
-बंशीधर भगत, भाजपा विधायक कालाढूंगी
भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला है। भाजपा सही जगह पर अंतरराज्यीय बस अड्डा बना रही है। कांग्रेस के पास मुद्दा नहीं है।
-नवीन दुम्का, लालकुआं विधायक
कांग्रेस भ्रम की स्थिति पैदा न करे, तीन पानी में बस अड्डा बन जाएगा। कांग्रेस सिर्फ सियासी रोटियां सेंक रही है।
-संजीव आर्य, नैनीताल विधायक
कांग्रेस अपने आपसी झगड़े में न उलझी रहती तो अब तक बस अड्डा बन गया होता। अब इतनी हाय तौबा क्यों मचाई जा रही है।
-बलराज पासी, पूर्व सांसद