नैनीताल। हाईकोर्ट ने नानीसार में 253 नाली भूमि जिंदल ग्रुप को दिए जाने के मामले में उत्तराखंड शासन और हिमांशु एजूकेशन सोसाइटी व अन्य को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के मुताबिक अल्मोड़ा निवासी बिशन सिंह राणा व उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के पीसी तिवारी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 22 सितंबर 2015 को शासनादेश जारी कर जिंदल ग्रुप को भूमि आवंटित की गई थी, जिसका पट्टा 3 फरवरी 2016 को हुआ था।
याचिकाकर्ता की ओर से पट्टे को रद्द करने व निर्माण रोकने की प्रार्थना की थी। याचिका में कहा कि सरकार की ओर से भूमिहीन किसानों की अनदेखी कर 253 नाली भूमि जिंदल ग्रुप को आवंटित कर दी गई, जो गलत है। तत्कालीन सरकार की ओर से वन पंचायत व ग्राम सभा की भूमि को एक संस्था के नाम पर कौड़ियों के दाम पर दे दी गई।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया था कि जिंदल ग्रुप ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस भूमि की लीज तैयार करवाई है, जिसके सभी कागजात न्यायालय में दाखिल कर दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ ने पक्षों की सुनवाई के बाद संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा।