‘म्यूजिक बजेगा लाउड तो राधा नाचेगी’ गीत के साथ मेडिकल कालेज में सोमवार को क्रिसंडो का रंगारंग आगाज हुआ। एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने गीत और नृत्य पेश कर समा बांध दिया। अपराध के खिलाफ ‘खामोश’ नाटक के मंचन ने सभी को भावविभोर कर दिया।
क्रिसंडो का शुभारंभ चिकित्सा-शिक्षा सचिव/मंडलायुक्त डी सैंथिल पांडियन, चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष स्याना, प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा और एमएस डा. एके पांडे ने दीप प्रज्जवलित कर किया। पांडियन ने कहा कि डाक्टरों को मरीजों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। कहा कि ऐसे आयोजन से व्यक्तित्व का विकास होता है। डाक्टरों को चिकित्सीय कार्यों के साथ एक मैनेजर की तरह हास्पिटल का मैनेजमेंट करना पड़ता है। दूरस्थ गांवों में चिकित्सकों की बहुत आवश्यकता है।
पीजी डाक्टरों को आकर्षक पैकेज देकर पहाड़ों के दूरस्थ गांवों में भेजकर चिकित्सकों की कमी दूर की जाएगी। चिकित्सकों को सेवाभाव के साथ काम करना चाहिए। क्रिसंडो में अपराध के खिलाफ ‘खामोश’ में एसिड अटैक पर मंचन किया गया। एसिड अटैक के मंचन ने सभी को भावविभोर कर दिया। कनिष्का के चना मेरया गीत पर सभी झूम उठे। भागड़ा, रासलीला, छइया-छइया आदि पेश किए गए। मन की बात में लोगों को सैनिकों के कठिन जीवन के बारे में बताया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं जमकर थिरके। इस दौरान डा. आरजी नौटियाल, डा. साधना अवस्थी, डा. भावना श्रीवास्तव, डा. एबी ओली, आलोक उप्र्रेती, आयोजक समिति के आशू प्रसाद, शशांक अधिकारी, अनू खोली, अंकित कुमार, मानसी त्रिपाठी, मो. बिलाल अली, अभिषेक आदि थे।