कांग्रेस प्रदेश महासचिव आनंद रावत ने कहा कि लोग अमीर हो गए और कुमाऊंनी भाषा गरीब हो गई है। एमबीपीजी कालेज में महज 10 छात्र कुमाऊंनी भाषा से पढ़ाई कर रहे हैं। भाषा को बढ़ावा देने के लिए कुमाऊंनी को रोजगार परक बनाना होगा।
उत्तराखंड का इतिहास पढ़ाने के लिए कुमाऊं विश्वविद्यालय में पदों का सृजन होना चाहिए। राज्य का इतिहास पढ़ने के बाद लोक सेवा आयोग में सबसे अधिक चयन राज्य के लोगों का होगा।
रावत लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि स्कूलों में कुमाऊंनी भाषा पढ़ाई जानी चाहिए। भाषा पढ़ाने के लिए पद सृजित होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय में उत्तराखंड का इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए। इतिहास पढ़ाने के लिए अलग से पद सृजित होने चाहिए। इस मामले में राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जा चुका है।
कहा कि लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित पिछली परीक्षा में राज्य से जुड़े महज 12 प्रतिशत प्रश्न आए थे। जबकि राजस्थान में 50 प्रतिशत प्रश्न आते हैं। रावत ने कहा कि यूजीसी ने 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम एक समान और 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम तय करने का अधिकार राज्य सरकार को दिया है।
केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय में भी उत्तराखंड का इतिहास पढ़ाया जा सकता है। रावत इस संबंध में शिक्षाविदें के साथ बैठक कर चुके हैं।
सितंबर में होगी कुमाऊंनी आण-काथ उत्तर क्विज प्रतियोगिता
कांग्रेस प्रदेश महासचिव आनंद रावत ने कहा कि भाषा को बढ़ावा देने के लिए 15 से 20 सितंबर के बीच हल्द्वानी में कुमाऊंनी आण-काथ क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता से नई पीढ़ी की बच्चों को सीखने को मिलेगा। क्विज प्रतियोगिता कुमाऊंनी भाषा में होगी।