नैनीताल। बिना काउंसलिंग बीएड में प्रवेश लेने वाले आम्रपाली संस्थान के विद्यार्थियों को कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से महाविद्यालय और संस्थान आवंटित किए जाएंगे। महाविद्यालयों व संस्थानों में सीटें फुल होने की स्थिति में कुमाऊं विवि की ओर से छात्र-छात्राओं की फीस वापस कराई जाएगी।
कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से संचालित बीएड सत्र 2023-24 में प्रवेश के लिए बीते दिन तीसरी काउंसलिंग के बाद छात्रों को महाविद्यालय व संस्थान आवंटित किए गए। इधर तीसरी आवंटन सूची जारी होते ही आम्रपाली संस्थान ने 42 ऐसे छात्रों के प्रवेश रद्द कर दिए जिन्होंने विवि की अनुमति बिना प्रवेश लिया। परेशान छात्रों ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से मिलकर प्रवेश रद्द करने के मामले में कार्रवाई की मांग की। इधर कुमाऊं विवि ने मामले में संज्ञान लेते हुए विश्वविद्यालय की अनुमति के बिना महाविद्यालय या संस्थान में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों से सूचना मांगी। 42 अभ्यर्थियों ने विवि को आवेदन देकर संस्थान में प्रवेश लेने की बात कही। इसके बाद विवि ने आम्रपाली संस्थान से स्पष्टीकरण मांगा तो पूर्व में इसी तरह प्रवेश देने की बात कही गई। संस्थान के अधिकारियों को कहना है कि द्वितीय काउंसलिंग के बाद पूर्व में इसी तरह की प्रवेश प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। इसके तहत इस वर्ष प्रवेश दिए गए हैं।
छात्रों ने कहा पहली काउंसलिंग में ही ले लिया था प्रवेश
नैनीताल। छात्रों की ओर से विवि को मिले आवेदन में कहा गया है कि पहली काउंसलिंग में ही बिना विवि के अनुमति के उन्हें प्रवेश मिल गया था। कहा कि पहली काउंसलिंग में उन्हें प्रवेश दे दिया। अब उनका प्रवेश रद्द कर दिया है। छात्रों ने विवि से छात्रहितों में फैसला लेने की मांग की है।
कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने बताया कि बिना विवि की अनुमति के बीएड में प्रवेश मामले में संस्थान से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उक्त संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। तीसरी काउंसिलिंग में प्रवेश की स्थिति को देखते हुए अगर महाविद्यालयों और संस्थानों में सीटें रिक्त रहीं तो छात्रहितों को देखते हुए प्रवेश दिया जाएगा। अन्यथा छात्रों की फीस वापस की जाएगी।