नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत कॉमर्स की पढ़ाई को रोजगारपरक और ग्लोबल स्टैंडर्ड पर अपग्रेड कर दिया है। विश्वविद्यालय ने तीन वर्षीय बीकॉम पाठ्यक्रम से ऑनर्स शब्द हटाकर इसे सीधे कॉर्पोरेट जगत की मांग से जोड़ दिया है। अब छात्रों को केवल सामान्य डिग्री नहीं, बल्कि बैंकिंग, टैक्स और अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों में स्पेशलाइज्ड डिग्री मिलेगी।
इस संशोधन के बाद अब डिग्री लेने वाले छात्रों को सामान्य कॉमर्स के बजाय उनके चुने गए कोर सेक्टर की विशेष उपाधि मिलेगी। छात्र अब बैंकिंग एंड फाइनेंस, टैक्स प्लानिंग एंड मैनेजमेंट व एकाउंटिंग एंड फाइनेंस जैसे चुनिंदा विशेषज्ञता क्षेत्रों में स्नातक कॉमर्स (बीकॉम स्पेशलाइज्ड) की डिग्री हासिल कर सकेंगे। वाणिज्य संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अतुल जोशी ने बताया कि एनईपी-2020 के नियमानुसार ऑनर्स की उपाधि केवल चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में ही दी जा सकती है जबकि यह कोर्स तीन वर्ष का है। इसी विसंगति को दूर करते हुए छात्रों के हित में यह बड़ा सुधार किया गया है। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से संबद्ध 11 कॉलेजों के करीब 1500 से अधिक छात्र सीधे लाभान्वित होंगे। इस पाठ्यक्रम का डिजाइन सामान्य बीकॉम से बिल्कुल अलग है जहां छात्रों को पहले सेमेस्टर से ही अपनी पसंदीदा विशेषज्ञता चुनकर फोकस पढ़ाई करने का मौका मिलता है।
डीएसबी परिसर में कोर्स का क्रेज
कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में नए पाठ्यक्रम के लिए 312 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। 80 सीटों के सापेक्ष प्रवेश प्रक्रिया तेजी से चल रही है जिसके अंतर्गत शुरुआती चरण में ही 10 छात्र-छात्राओं ने दाखिला प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। परिसर में प्रवेश लेने वाले इन छात्र-छात्राओं में 94 फीसदी तक उच्च अंक पाने वाले मेधावी छात्र शामिल हैं।