हल्द्वानी। वार्षिक पद्धति के आधार पर स्नातक और स्नात्तकोतर के छात्र-छात्राओं को दोबारा परीक्षा देने का मौका कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से मिल रहा है। इसमें वे विधार्थी भी शामिल हैं जो परीक्षा देने से रह गए थे। वार्षिक पद्धति में अच्छादित सुधार परीक्षा में सम्मिलित होने के लिये ऐसे विद्यार्थियों को अपना ऑनलाइन आवेदन तथा परीक्षा शुल्क 29 दिसंबर से 8 जनवरी तक जमा किया जाना आवश्यक होगा।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। अब वार्षिक पद्धति की स्नातक और स्नात्तकोतर कक्षाओं के ऐसे विद्यार्थी जिनकी इस वर्ष में आयोजित मुख्य परीक्षा किसी विषय या प्रश्न पत्र की परीक्षा किसी कारण से छूट गई है तो उन्हें वार्षिक परीक्षा में बैठने का फिर से अवसर दिया जा रहा है। परीक्षा का आयोजन जल्द किया जाएगा। इस परीक्षा हेतु ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने वार्षिक पद्धति के प्रमुख परीक्षा 2020 के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन पत्र एवं परीक्षा शुल्क जमा किया गया है। ऐसे विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पुन: परीक्षा आवेदन परीक्षा शुल्क किया जाना आवश्यक नहीं होगा। इसके लिए उनका पूर्व में में जमा किया गया परीक्षा शुल्क ही मान्य होगा।
परीक्षार्थियों के आवेदन पत्र परीक्षा शुल्क के आधार पर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर एक जनवरी से उपलब्ध करा दिए जाएंगे। साथ ही वार्षिक पद्धति की स्नातक और स्नातकोतर स्तर के ऐसे विद्यार्थी जो साल 2020 में आयोजित मुख्य परीक्षा में सम्मिलित हुए तथा किसी एक विषय या एक प्रश्न पत्र में फेल हैं वे भी परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त उक्त परीक्षा में ऐसे पास विद्यार्थी जो अपने किसी एक विषय या एक प्रश्न पत्र मांगों का सुधार करना चाहते हैं। वे आगामी सुधार परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।