दिन में सूर्य की तपिश और रात में मौसम की नरमी से बीमारियों ने पांव पसार दिए हैं। डेंगू का डंक कुमाऊं के चार जिलों में लग चुका है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में डेंगू के नौ मरीज भर्ती है, जबकि दिमागी बुखार के सात मरीज हैं। डेंगू के नौ मरीजों में सबसे अधिक चार मरीज ऊधमसिंह नगर से हैं।
वायरल, डेंगू, मलेरिया और पीलिया के रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं। मौसम में बदलाव के साथ ही डेंगू का मच्छर तेजी से सक्रिय हो गया है।
सुशीला तिवारी अस्पताल में 10 सितंबर से 15 सितंबर के बीच डेंगू पीड़ित नौ मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें चार बच्चे-किशोर हैं। जबकि पांच व्यस्क हैं।
डेंगू के मरीज अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, नैनीताल जिले से आए हैं। सितंबर से दिमागी बुखार के मरीज भी लगातार सुशीला तिवारी अस्पताल में आ रहे हैं।
एसटीएच में भर्ती इस बीमारी के सात मरीजों में दो व्यस्क हैं, जबकि चार बच्चे-किशोर हैं। दिमागी बुखार के मरीज भी बागेश्वर, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के अलावा पड़ोसी जिले रामपुर से आ रहे हैं।
संक्रामक रोग अधिकारी डा. नंदन कांडपाल ने बताया कि सात संदिग्ध मरीजों की रीढ़ की हड्डी के पानी के सैंपल जांच के लिए दिल्ली स्थित नेशन सेंटर फार डिजीज कंट्रोल में भेजे गए हैं।