हल्द्वानी। कुमाऊं कमिश्नर ने डॉक्टर की लापरवाही के चलते अल्मोड़ा की महिला की मौत के मामले में जांच बैठा दी है। सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम को 20 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। कमिश्नर की जांच में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई थी।
मंगलवार रात 11 बजे कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के आवास पर 25 फरियादी पहुंचे। उस समय कमिश्नर एक शादी समारोह से लौटे थे। फरियादियों ने बेस अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही माला चनौदा सोमेश्वर अल्मोड़ा निवासी लीला देवी (53) की मौत का जिम्मेदार डॉक्टरों को बताया। इस पर कमिश्नर रावत ने सिटी मजिस्ट्रेट के साथ बेस अस्पताल में छापा मारा। कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि लीला देवी की तबियत डेढ़ साल से खराब थी। उसे पथरी और पेट में गांठ की शिकायत थी। उन्होंने अल्मोड़ा में तैनात डॉक्टर को दिखाया था। उसने अपने प्राइवेट क्लीनिक में बुलाया। इसके बाद उसका स्थानांतरण बेस में हो गया। आरोप है कि डॉक्टर ऑपरेशन करने के पैसे मांग रहा था। डॉक्टर को परिजनों ने पैसे भी उपलब्ध कराए थे। इसके बाद भी उसका इलाज नहीं हुआ। कमिश्नर रावत ने बताया कि महिला 21 अक्तूबर से बेस में भर्ती थी। जांच में सामने आया कि मंगलवार को किसी भी डॉक्टर ने उसकी जांच नहीं की। शीट में यह भी नहीं दर्ज नहीं किया कि उसका बीपी और शुगर लेवल कितना है। कहा कि दो डॉक्टर सुशीला तिवारी से बेस में तैनात किए गए थे। ये भी मौके पर नहीं मिले जो डॉक्टर लीला देवी का इलाज कर रहा था उसकी रात की ड्यूटी थी। वह अपने मोबाइल नंबर बंद कर गायब था। कमिश्नर रावत ने कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। इस मामले में सीडीओ डॉ. संदीप तिवारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें डायरेक्टर हेल्थ, डीएम का प्रतिनिधि, सीएमओ के प्रतिनिधि को भी कमेटी में रखा गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में ली
हल्द्वानी। कमिश्नर दीपक रावत ने सिटी मजिस्ट्रेट को अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेने के निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि सीसीटीवी की फुटेज पैन ड्राइव में ले ली है। डीएम की ओर से बनी कमेटी को पैन ड्राइव सौंप दी जाएगी।
हंगामे के बाद हुआ पोस्टमार्टम
हल्द्वानी। पथरी के ऑपरेशन के लिए बेस अस्पताल में भर्ती की गई महिला की ऑपरेशन से पहले ही मौत हो गई। इसके बाद परिजनों पर शव ले जाने का दबाव बनाया जाने लगा। परिजनों के हंगामे और कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। माला चनौदा सोमेश्वर अल्मोड़ा निवासी लीला देवी (32) पत्नी हरीश राम को पथरी की शिकायत थी। आरोप है कि बेस के साथ ही निजी अस्पताल में सेवा देने वाले एक चिकित्सक लीला का इलाज कर रहे थे। उनके कहने पर लीला को ऑपरेशन के लिए 20 अक्तूबर को बेस में भर्ती किया गया था। ऑपरेशन से पहले ही 24 अक्तूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे लीला की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ परिजनों पर शव ले जाने का दबाव बनाने लगा, लेकिन परिजनों ने इनकार कर दिया। ऐसे में परिजनों ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत से शिकायत की तो वह रात में ही अस्पताल पहुंच गए और पड़ताल शुरू कर दी। कमिश्नर के दखल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि लीला की मौत किन कारणों से हुई है।
डॉक्टर से मांगा गया स्पष्टीकरण
हल्द्वानी। अस्पताल में महिला की मौत मामले में फोन नहीं उठाने को लेकर डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रभारी पीएमएस डॉ. केके पांडे ने बताया कि ऑन कॉल ड्यटी के बाद भी फोन नहीं उठाना और मौके पर नहीं पहुंचना ठीक नहीं है। मामले में संबंधित सर्जन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। माई सिटी रिपोर्टर