उपजिलाधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कुमाऊं कमिश्नर ने धारा 33/39 भू आधिपत्य की पत्रावली, 143 के प्रकरण और धारा 41 के रजिस्टर चैक किए गए। 143 के आवेदन के निरीक्षण के दौरान दीपक रावत ने पाया कि किसी भी आवेदन में दिनांक नहीं थी। वहीं, सभी आवेदन पत्रावलियां दिनांक रहित पाई गई। 143 पत्रावलियों में लंबित प्रकरणों की जानकारी के साथ ही तहसीलदार द्वारा कई मामलों में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी, जिस पर आरए संजय तिवारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
मौके पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने तहसीलदार के साथ ही उपजिलाधिकारी कार्यालय के आरए संजय तिवारी का भी स्पष्टीकरण तलब किया और उपजिलाधिकारी को नियमित मानिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता के कार्यों में कोताही होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपजिलाधिकारी कार्यालय मे आयुक्त के निरीक्षण के दौरान फरियादी मुन्नी देवी निवासी तिकोनियां ने आयुक्त को बताया कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के साथ ही वह काफी दिनों से बीमारी से पीडित है जिसे एमआरआई कराने के लिए धनराशि भी नहीं है। मौके पर आयुक्त ने मुन्नी देवी के बेटे का जन्म प्रमाण बनाने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिए और मुन्नी देवी के एमआईआई के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी सुशीला तिवारी को दूरभाष पर शीघ्र एमआरआई कराने के निर्देश दिए। जिस पर मुन्नी देवी ने आयुक्त का धन्यवाद किया।
निरीक्षण के दौरान दीपक रावत कैंप कार्यालय के निकट सिंथियासीनियर सेकेंडरी स्कूल की बस से बच्चे उतर रहे थे। आयुक्त ने बस के अंदर देखा की बस की सभी व्यवस्थाएं सही पाई गई। वाहन में फर्स्ट एड बाक्स, फायर उपकरण एवं इमरजेंसी डोर की व्यवस्था सही पाई गई। आयुक्त ने बच्चों से इस संबंध में पूछा सभी बच्चों द्वारा सभी सुरक्षा के उपाय के लिए संतोषजनक जवाब दिया और वाहन चालक द्वारा आपातकाल के समय बच्चों को कैसे बाहर निकालना है इसका भी डैमो मौके पर दिया गया आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया।