कुमाऊं विवि के नैक सर्वे के बाद अब विवि की ‘नैक’ (गर्दन) ऊंची होने के आसार हैं। नैक की टीम के सर्वे के बाद विवि को ए ग्रेड मिलना तय है। शनिवार को सर्वे के अंतिम दिन नैक टीम के अध्यक्ष प्रो. आरपी तिवारी के संबोधन में इसके स्पष्ट संकेत मिले।
प्रो. तिवारी ने विवि के कुलपति समेत डीएसबी और अल्मोड़ा परिसरों के डीन और डीएसबी के सभी विभागाध्यक्षों व प्राध्यापकों को संबोधित अपने संबोधन में विवि की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विवि देश के सर्वश्रेष्ठ पांच विवि में शुमार होगा।
प्रो. तिवारी ने कहा कि देश के अनेक विद्यालयों में डीएसटी ( विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग) का एक भी केंद्र नहीं होता, जबकि यहां दो-दो हैं। इसी तरह विवि में दो सेंटर आफ एडंवास स्टडीज हैं, जबकि कई जगह यह नहीं है। उन्होंने कहा कि विवि के भूगोल विभाग में जलवायु परिवर्तन पर विश्वस्तरीय अध्ययन हो रहा है, जो विवि की सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वह्न का प्रतीक है।
उन्होंने विवि में हो रहे शोध के अलावा शोध पत्रों के प्रकाशन को भी उच्चस्तरीय बताया। उन्होंने कहा कि ग्रेड की घोषणा तो बाद में होगी, लेकिन उनकी इच्छा है कि कुमाऊं विवि नैनीताल देश के शीर्षस्थ पांच विवि में शामिल हो। उन्होंने कहा कि विवि के कुलपति प्रो. एचएस धामी और अन्य शिक्षकों के परिश्रम के परिणामस्वरूप विवि को ए ग्रेड मिल सकता है।
नैक सर्वे के लिए कुलपति प्रो.धामी की ओर से भू विज्ञान विभाग के प्रो. संतोष कुमार व जूलौजी के प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।