पंपापुरी-भरतपुरी में बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराने और तटबंध बनाने की मांग को लेकर लोगोें ने तहसील मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। लोगों ने एसडीएम के जरिए सीएम को ज्ञापन भेजकर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए धनराशि जारी करने की मांग की। उन्होंने जल्द कार्य शुरू न होने पर आंदोलन की धमकी दी।
सोमवार को लोक कल्याण समिति के बैनर तले तहसील मुख्यालय पहुंचे लोगों ने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। यशपाल रावत के संचालन में हुई सभा में गुस्साए लोगों ने कहा पंपापुरी और भरतपुरी मोहल्लों में बरसात में कोसी में बाढ़ से भारी नुकसान होता है। यहां करीब तीन हजार पक्के मकान, डिग्री कॉलेज, पेयजल फिल्टर प्लांट सहित अरबों की सरकारी और निजी संपत्तियां हैं। इसके लिए पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने 24 अगस्त 2005 को तटबंध और बाईपास बनाने की घोषणा की थी। जिसका पीडब्लूडी का करीब 40 करोड़ का प्रस्ताव शासन में लंबित है। जबकि तत्कालीन सीएम विजय बहुगुणा ने भी जनता की मांग पर पीरूमदारा में कोसी पर तटबंध की घोषणा की थी।
करीब 4 करोड़ 12 लाख का प्रस्ताव बजट के कारण लंबित है। गुस्साए लोगों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 10 मई को जल सत्याग्रह और इसके बाद अनशन करने का ऐलान किया है। इस मौके पर गणेश रावत, शंकर दत्त बौड़ाई, रामसिंह रावत, रूपसिंह, खींमसिंह पवार, नंदन सिंह नेगी, ललित घुघत्याल, शिवसिंह गुसाई, छात्रसंघ सचिव मनोज भंडारी, यशपाल रावत, कमला देवी, राकेश नैनवाल, ललित मोहन बिथ्ट, मोहित नेगी, रविंदर रावत, मुकुंद डंगवाल, राहुल रावत, संजय मेहता, रतनसिंह भाकुनी, नवीन चंद्र, डीएस नेगी, कुंवर सिंह नेगी आदि मौजूद थे।