कोसी और दाबका से उपखनिज की निकासी करने वाले वाहन स्वामियों ने स्टोन क्रशर स्वामियों पर उचित भुगतान नहीं देने और शोषण का आरोप लगाते हुए बुधवार को उपखनिज निकासी का बहिष्कार किया। बहिष्कार के चलते कोसी और दाबका से निकासी पूरी तरह से ठप रही। इस दौरान वाहन स्वामियों ने प्रशासन के सामने मांगें रखते हुए मौजूदा स्थिति में निकासी करने में असमर्थता जताई।
वाहन स्वामियों ने कोसी और दाबका में गौला की तर्ज पर डंपर के लिए 140 और ट्रैक्टर-ट्राली के लिए 90 क्विंटल निकासी की मांग करते हुए स्टोन क्रशर और स्टाकिस्टो के वाहनों का नदियों में प्रवेश रद्द करने की भी मांग की है। देर शाम इस संबंध में एसडीएम एसएस जंगपांगी की मौजूदगी में वन परिसर में तराई पश्चिमी वन प्रभाग कार्यालय में बैठक भी हुई। बैठक में वन निगम के आरएम रविंद्र जुयाल, डीएलएम प्रेम सिंह बोहरा, कोतवाल कैलाश पंवार, एसएसआई मोहन चंद्र पांडे, वन विभाग के एसडीओ बीएल शाही, रेंजर कलम सिंह बिष्ट के अलावा कई वाहन स्वामी मौजूद रहे।
बैठक में कई मामलों पर सहमति बनी, लेकिन स्टोन क्रशर स्वामियों से उपखनिज की उचित दाम को लेकर मामला फंसा रहा। वाहन स्वामियों ने क्रशर स्वामियों से उपखनिज की दर निर्धारित किए बिना निकासी न करने की घोषणा की। इस दौरान महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट, कमल पांडे, कुबेर फर्त्याल, इंदर सिंह लटवाल, ठाकुर सिंह बिष्ट, रामसिंह जलाल, भीम रावत सहित आदि वाहन स्वामी मौजूद रहे।
इन मांगों पर बनी सहमति
रामनगर। एसडीएम एसएस जंगपांगी ने बताया कि खनन कारोबारियों की कठियापुल गेट का कांटा नदी के पास लगाया जाएगा, खड़ंजा गेट में तत्काल कांटा लगाया जाएगा, चोर रास्तों को बंद किया जाएगा, दस टायरा वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा, खराब सड़कों की जल्द ही मरम्मत कराई जाएगी, धूल भरी सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा और जो दो-तीन बार पेंडिंग वाहन में पकड़ा जाएगा, उसका रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जाएगा।