जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह किंदा को लेकर कांग्रेस पार्टी में घमासान मचा है। किंदा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य को नागवार गुजरा है। यशपाल आर्य ही उन्हें पार्टी में लेकर आए थे। बताते हैं कि बिना विश्वास में लिए करीबी के खिलाफ हुई कार्रवाई पर उन्होंने अपनी नाराजगी प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से जताई है।
जिला पंचायत सदस्य किंदा सिंचाई मंत्री के बेहद करीबी बताए जाते हैं। तमाम राजनैतिक मंचों पर दोनों अक्सर साथ देखे गए हैं। मंत्री के साथ कई बार उनके फोटो ने इस बात को प्रमाणित भी कर दिया। प्रशिक्षु आईएफएस पर हमले के बाद चर्चा में आए किंदा से कांग्रेसी अब कन्नी काट रहे हैं।
किंदा को लेकर कहीं न कहीं पार्टी की छवि खराब हो रही थी और एफआईआर दर्ज होने के साथ ही पार्टी ने किंदा को बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसा नहीं है कि किंदा के सिर्फ सिंचाई मंत्री से ही करीबी रिश्ते रहे हैं, क्षेत्र में आने वाले किसी भी मंत्री के साथ उनकी करीबी और फोटो छपना आम बात रही है। फिलहाल पार्टी किंदा के मामले से पल्ला झाड़ रही है और इस मसले पर कोई कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
किंदा कभी कांग्रेस में रहे ही नहीं : उपाध्याय
पार्टी से निकाले जाने की घोषणा के बाद अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि किंदा कभी कांग्रेस में रहे ही नहीं। कहा कि ऊधमसिंह नगर के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट से बात हुई थी साथ ही पार्टी का रिकार्ड भी खंगाला गया, मगर किंदा तो पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए पार्टी के दरवाजे बंद हैं। उनको पार्टी में कोई स्थान नहीं दिया जा सकता। किंदा के बहाने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में अगर कुछ अवैध हो रहा है तो उसे रोकना न सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है बल्कि उसका दायित्व और कर्तव्य भी है।