भीमताल (नैनीताल)। भीमताल ब्लॉक की ग्राम पंचायत पिनरों के तोक डोब गांव में तेंदुए के हमले से महिलाओं की मौत को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। रविवार को डोब गांव में तेंदुए के हमले में मृत पुष्पा देवी के घर पहुंचे डीएफओ चंद्रशेखर जोशी को ग्रामीणों ने घेर लिया। उन्हें ग्रामीणों के साथ ही विधायक राम सिंह कैड़ा के विरोध का सामना करना पड़ा। विधायक ने महिलाओं की मौत के बाद भी तेंदुए को आदमखोर घोषित और मारने के आदेश जारी नहीं होेने पर डीएफओ के समक्ष कड़ी नाराजगी जाहिर की।
विधायक ने ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए चीफ कंजरवेटर और वन मंत्री सुबोध उनियाल को फोन कर तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के साथ मारने के आदेश जारी करने की अपील की। ग्रामीणों ने डीएफओ को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक तेंदुए को आदमखोर और मारने के आदेश जारी नहीं होंगे तब तक महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। बाद में ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए डीएफओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जब तक तेंदुए को आदमखोर घोषित करने और मारने के आदेश जारी नहीं होते तब तक वह अपनी टीम के साथ गांव में ही रहेंगे। डीएफओ के गांव में रहने के आश्वासन पर विधायक के ग्रामीणों को समझाने के बाद महिला का दोपहर तीन बजे बाद घर के पास स्थित घाट में अंतिम संस्कार किया गया। संवाद
डॉक्टरों की टीम ने गांव में आकर किया पोस्टमार्टम
भीमताल। तेंदुए के हमले से पुष्पा देवी की मौत की खबर के बाद विधायक कैड़ा ने डीएम से महिला का पोस्टमार्टम गांव में ही कराने को कहा था। रविवार को डॉक्टरों की टीम ने दोपहर 12.30 बजे महिला का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा।
दो घंटे तक चला विरोध
भीमताल। पिनरों के तोक डोब गांव में महिला की मौत के बाद से ही ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश था। रविवार को डीएफओ के पहुंचने के एक घंटे बाद ही विधायक कैड़ा, ग्रामीणों और परिजनों का विरोध डीएफओ और वन विभाग की टीम को झेलना पड़ा। दो घंटे तक विधायक और ग्रामीणों की डीएफओ से बहस होती रही।
सल्यूडा में रविवार को भी ग्रामीणों ने देखा तेंदुआ
भीमताल। ग्राम पंचायत पिनरों के तोक सल्यूडा में रविवार की सुबह 10 बजे ग्रामीणों ने तेंदुए को घूमता हुआ देखा। तेंदुए को देख ग्रामीणों ने शोर मचाया। वहीं तेंदुए दिखने की सूचना लगते ही वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची लेकिन तब तक तेंदुआ भाग चुका था। वन कर्मियों की टीम तेंदुए के खोजबीन में लगी हुई है।
ट्रेंकुलाइज के लिए पहुंचे बाघ विशेषज्ञ
भीमताल। मलुवाताल के तोक कसाइल और पिनरों के तोक डोब गांव में तेंदुए के हमले से मौत की खबर के बाद वन विभाग ने ट्रेंकुलाइज के लिए बाघ विशेषज्ञ बुलाए हैं। रविवार को पिनरों के डोब गांव के आसपास के क्षेत्र में ट्रेंकुलाइजर के लिए बाघ विशेषज्ञ हरीश धामी और डॉ. हिमांशु पांगती की टीम तेंदुए के मूवमेंट पर नजर बनाए है। दोनों विशेषज्ञ गांव में तेंदुए के मूवमेंट के साथ ग्रामीणों को घर से बाहर अकेले नहीं निकलने की अपील कर रहे हैं। संवाद
10 ट्रैप कैमरे, 2 पिंजरे और 75 वन कर्मी तैनात
भीमताल। ग्राम पंचायत पिनरों के डोब में महिला की मौत के बाद वन विभाग की टीम एक्टिव नजर आई। रविवार को 10 ट्रैप कैमरे, दो पिंजरे, 75 वन कर्मियों के साथ नौ ग्रुप बनाए गए हैं। प्रत्येक ग्रुप में दो- दो राइफलमैन है। रविवार को ड्रोन की मदद से भी पिनरों और उसके आसपास के गांवों में तेंदुए की मूवमेंट को देखा गया लेकिन ड्रोन में तेंदुआ नजर नहीं आ पाया। एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसडीआरएफ की टीम भी तेंदुए को पकड़ने के लिए जुटी हुई है। संवाद
जनप्रतिनिधियों में आक्रोश
भीमताल के मलुवाताल और पिनरों में दो महिलाओं की मौत को लेकर आक्रोश जनप्रतिनिधियों में रविवार को भी दिखा। जंगलिया गांव जिला पंचायत सदस्य अनिल चनौतिया ने कहा कि तेंदुआ लोगों की जान ले रहा है लेकिन वन विभाग उसे आदमखोर घोषित नहीं कर रहा है। चनौतिया ने कहा कि जल्द तेंदुआ नहीं पकड़ा तो डीएफओ कार्यालय में आंदोलन किया जाएगा। पिनरों ग्राम प्रधान तारा पलड़िया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय साह, मनोहर पलड़िया ने कहा कि विभाग की लापरवाही से लोगों पर तेंदुआ हमला कर रहा है। उन्होंने कहा कि आदमखोर तेंदुए को मारा जाए ताकि ग्रामीणों में दहशत कम हो। संवाद
कोट
हमला करने वाला तेंदुआ था या बाघ इसकी जांच की जा रही है। ट्रेंकुलाइजर के लिए विशेषज्ञों की टीम लगी हुई है। साथ ही तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसकी लाइफ खत्म करने के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रशेखर जोशी, डीएफओ