बरेली डिपो की बस मे खाली प्राथमिक उपचार बॉक्स।
हल्द्वानी। उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में अगर अचानक किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो प्राथमिक उपचार मिलना संभव नहीं है, क्योंकि न तो चालक-परिचालक इसके लिए प्रशिक्षित हैं और न ही उनके पास प्राथमिक उपचार संबंधी दवा है। हां, सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स रखे जरूर हैं, लेकिन वे खाली हैं। उनमें न दवा है न पट्टी। कई बस चालकों को तो यह भी नहीं पता कि फर्स्ट एड बॉक्स रखना भी अनिवार्य है। बुधवार को अमर उजाला की ओर से की गई पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। पेश है महिला रिपोर्टर सुशीला मेहरा और सुमन की रिपोर्ट...
फर्स्ट एड बॉक्स मिला, पर दवा नहीं
रोडवेज डिपो से यात्रा मार्ग पर बस के निकलते समय उसमें फर्स्ट एड बॉक्स में दवा रखने का नियम है। इसके लिए चालक की सीट के पीछे लगे स्टैंड या टूल किट बॉक्स में छोटा सा बॉक्स बनाकर उसमें जरूरी दवा रखी जाती है। हल्द्वानी से दिल्ली जा रही बस में फर्स्ट एड बॉक्स तो लगा दिखा, लेकिन इसमें कुछ भी सामान नहीं था। रुद्रपुर जा रही बस में भी बॉक्स लगा था, लेकिन दवा गायब थी। दोनों बसों के चालकों ने बताया कि उन्हें फर्स्ट एड का सामान मिलता ही नहीं है। वहीं हल्द्वानी से मुरादाबाद जा रही बस में सिर्फ एक पैकेट था, जिसमें पट्टियां रखी थीं। चालक ने बताया कि निगम से कुछ नहीं मिलता, खुद खरीदकर रखना पड़ता है।
कभी जरूरत ही नहीं पड़ी
टनकपुर जा रही बस में भी फर्स्ट एड बॉक्स लगा ही नहीं था। सवारियों से खचाखच भरी बस के चालक ने पूछने पर बताया कि आज तक कभी जरूरत नहीं पड़ी, इसलिए नहीं रखा। आनंद विहार जा रही बस के चालक गुरुबचन सिंह ने बताया कि उनको कोई फर्स्ट एड नहीं मिलता है। हल्द्वानी से रूद्रपुर चलने वाली बस के चालक ज़ुबैर ने बताया कि बस चलाते हुए उन्हें साढ़े तीन साल हो गए हैं। आज तक जरूरत नहीं पड़ी। हल्द्वानी से रामपुर चलने वाली बस चालकों का कहना है कि उन्हें कम दूरी तय करनी होती है, इसीलिए बस में सुविधा नहीं है।
खुद खरीद रहे जागरूक चालक
बरेली डिपो की बस के चालक विशाल ने बताया कि आज तक रोडवेज प्रबंधन की ओर से प्राथमिक उपचार का सामान कभी उपलब्ध नहीं कराया गया। खुद खरीदकर बस में फर्स्ट एड बॉक्स बना रखा है।
सभी बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा है। बसों में चालक-परिचालकों की ड्यूटी बदलती रहती है, इसलिए चालक-परिचालकों के पास ही किट रहती है। प्राथमिक उपचार संबंधी सामान पैकेट या बॉक्स में रखा होता है।
-सुरेंद्र बिष्ट, एआरएम हल्द्वानी डिपो।
बरेली डिपो की बस मे खाली प्राथमिक उपचार बॉक्स।