हल्द्वानी। राजनीति और इत्तफाक एक-दूसरे के बेहद करीबी हैं। इसमें कब क्या घटित हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है। भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा के कैबिनेट मंत्री बनने के सफर में भी एक ऐसा ही इत्तफाक हुआ है जिसका अंदाजा तब शायद कैड़ा को भी नहीं रहा होगा।
कांग्रेस से बगावत कर 2017 का चुनाव निर्दलीय जीतने के बाद 2021 में राम सिंह कैड़ा ने जब भाजपा ज्वाइन की थी उस वक्त मदन कौशिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। कहीं न कहीं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका किसी विधायक को पार्टी ज्वाइन कराने में महत्वपूर्ण मानी जाती है। लिहाजा यह तय था कि प्रदेश अध्यक्ष की हामी से ही कैड़ा की पार्टी में एंट्री हुई।
उस वक्त के विधायक कैड़ा की भीमताल सीट से विधानसभा का टिकट की मांग थी। वह भी इसलिए क्योंकि तब टिकट की रेस में कई लोग शामिल थे और ये सभी उनके खिलाफ थे। तब उनके जेहन में कभी यह नहीं रहा होगा कि जिस पार्टी से अभी उनकी चाहत केवल विधायक के टिकट की है उसी पार्टी की सरकार में वह कैबिनेट मंत्री तक पहुंच जाएंगे। यहां इत्तफाक यह रहा कि जिस प्रदेश अध्यक्ष की सरपरस्ती में उन्होंने भाजपा ज्वाइन की उन्हीं के साथ उन्होंने 20 मार्च को एक साथ मंत्री की शपथ ले ली। बातचीत में कैबिनेट मंत्री कैड़ा ने कहा कि मदन कौशिक के नेतृत्व में उन्होंने पार्टी ज्वाइन की। आज संगठन की ताकत और भाजपा की पार्टी लाइन ऐसी कि उन जैसे सामान्य कार्यकर्ता को पार्टी ने मंत्री बना दिया।