हल्द्वानी। मकर संक्रांति पर्व पर कुमाऊं-गढ़वाल के दूरस्थ इलाकों से पहुंचे कत्यूरी वंशजों ने रानीबाग में चित्रशिला घाट में कुल देवी जियारानी की पूजा अर्चना की। इस बार मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को होने से कत्यूरी वंशज दो दिन तक पूजा अर्चना करते रहे। रात में कत्यूरी वंशजों ने नदी में स्नान आदि करने के बाद जागर लगाई।
मंगलवार को पौड़ी गढ़वाल, रिखड़ीखाल, रामनगर, रानीखेत, द्वाराहाट, भिकियासैंण, लमगड़ा, बासोट (भिकियासैंण), धूमाकोट, चौखुटिया आदि इलाकों से कत्यूरी वंशज बसों में भरकर रानीबाग पहुंचे। उन्होेंने गार्गी नदी में स्नान करने के बाद जियारानी की गुफा में पूजा अर्चना की और रात्रि में जागर लगाई। कुल देवी से कष्ट निवारण के लिए आराधना की। अलग-अलग समूह में पहुंचे कत्यूरी वंशजों ने पारंपरिक ध्वज, ढोल दमाऊं के साथ जागर लगाकर कुल देवी की आराधना की।
रानीबाग वासियों ने की रहने, खाने की निशुल्क व्यवस्था
हल्द्वानी। महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, और रानीबाग ग्राम सभा के लोग पूरी रात कत्यूरी वंशजों की सेवा में लगे रहे। ग्रामसभा वासियों की ओर से कत्यूरी वंशजों के रात्रि विश्राम, भोजन, अलाव आदि की निशुल्क व्यवस्था की गई। लोगों की सेवा करने वालों में प्रधान कलावती थापा, पूर्व प्रधान आनंद कुजरवाल, दीपक नौगाई अकेला, संजय शाह, रमा पांडे, महेश भंडारी, हरीश पंत, हेमंत शर्मा, दीपक पंत, दीपक गोस्वामी, ललित मोहन बिष्ट, विश्वदीपक तिवारी, सुमन बिष्ट, पूजा नौगाई, दीपा बोरा, कन्नू तिवारी आदि लगे रहे। समाजसेवी कैलाश चंद्र जोशी ने बताया कि रानीबाग तीर्थ क्षेत्र विकास समिति की ओर से भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।