विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) प्रीतू शर्मा की अदालत ने कराटे खिलाड़ी के साथ बलात्कार के मामले में कोच को दोषी माना है। अदालत इस मुकदमे में चार अप्रैल को सजा सुनाएगी। आरोप है कि नशीली गोलियां खिलाकर कराटे प्रशिक्षक ने खिलाड़ी के साथ दो साल तक बलात्कार किया।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह नेगी के अनुसार बुलंदशहर जिले के सियाना का रहने वाला वीरेंद्र सिंह राठौर लामाचौड़ में किराए पर रहता था। इसी क्षेत्र में वह कराटे भी सिखाता था। एक दिन खिलाड़ी फीस देने के लिए उसके घर गयी। प्रशिक्षक अपने कमरे में अकेले था। उसने बहला फुसलाकर खिलाड़ी को नशीला पदार्थ खिला दिया।
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आरोप है कि बेहोश होने पर उसने खिलाड़ी के साथ दुराचार किया। इसके साथ ही उसने खिलाड़ी की फोटो भी खींच ली। फोटो से वह खिलाड़ी को ब्लैकमेल कर दुराचार कर रहा था। खिलाड़ी ने इस मामले की शिकायत अपने परिजनों से की। खिलाड़ी के पिता ने 20 जुलाई 2014 को कोतवाली में तहरीर दी।
पुलिस ने इस मामले में धारा 328,376(2), 354,506, 4 पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रशिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। कुछ दिन बाद प्रशिक्षक को अदालत से जमानत मिल गई। मुकदमे की सुनवाई के दौरान विवेचक लता बिष्ट और पुनीता बलौदी ने प्रशिक्षक के खिलाफ चार्जशीट दायर की। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यों के समर्थन में 11 गवाहों को पेश किये। वहीं बचाव पक्ष ने भी दो गवाह पेश किया।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद प्रशिक्षक वीरेंद्र सिंह राठौर को नशीला पदार्थ खिलाकर बलात्कार करने का दोषी माना। अदालत सजा के बिंदु पर चार अप्रैल को सुनवाई करेगी।
लैब रिपोर्ट में भी फंसा प्रशिक्षक
हल्द्वानी। विशेष लोक अभियोजक एन एस नेगी ने बताया कि अभियुक्त के पास से बरामद मोबाइल को पुलिस ने लैब में भेजा था। लैब की रिपोर्ट से पता चला कि अभियुक्त के मोबाइल में मौजूद लड़की की फोटो अश्लील हैं। इसी आधार पर पता चला कि अभियुक्त काफी समय से बलात्कार कर रहा था।