कुछ इस तरह से लाल नजर आ रहा है नौकुचियाताल स्थित कमलताल झील का पानी
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नौकुचियाताल स्थित कमलताल के पानी का रंग बदलने संबंधी खबर के प्रकाशित होने के बाद आखिरकार सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी। विभागीय अधिकारियों ने सोमवार को कमलताल का निरीक्षण कर पर्यटन व्यवसायियों से झील के पानी का रंग बदलने के संबंध में जानकारी ली और बाद में पानी के नमूने को जांच के लिए लिया।
इसे जांच के लिए नैनीताल स्थित जल संस्थान की प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। पिछले कई दिनों से कमलताल के पानी का रंग लाल होता जा रहा था। इसे लेकर क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायियों में कमलताल के अस्तित्व को लेकर चिंता पैदा हो गई थी।
सोमवार को कमलताल के पानी का रंग बदलने संबंधी खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभाग के अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह और सहायक अभियंता डीसी पंत कमलताल पहुंचे।
विभागीय अधिकारियों ने कमलताल का निरीक्षण कर ज्येष्ठ प्रमुख अनिल चनौतिया समेत अन्य पर्यटन व्यवसायियों से झील के पानी के बारे में जानकारी ली।
पर्यटन व्यवसायियों ने बताया कि यह पहला मौका है जब पानी का रंग एकदम लाल हो गया है। अधिशासी अभियंता हरीश चंद्र सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला में जांच के बाद ही यह पता चल पाएगा कि पानी का रंग एकदम लाल क्यों हो रहा है और पानी में कौन सा तत्व ज्यादा बढ़ गया है। एक दो दिन में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
झील में उगी घास को नष्ट करने के लिए डाला था केमिकल
इधर क्षेत्र के नाव चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गादत्त पलड़िया का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वैज्ञानिकों ने झील में उगी घास को नष्ट करने के लिए कमलताल में बायो केमिकल डाला था। हो सकता है कि इसी केमिकल के प्रभाव से झील के पानी का रंग धीरे-धीरे बदल गया हो। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस संबंध में भी जांच कराने की मांग की।