कैंची धाम स्थित बाबा का दरबार 15 जून को जिस रंगत में सजता है, उसमें अंदर और बाहर की कहानी बिलकुल अलग है। मेले के बाहर जहां सैकड़ों पुलिस और सुरक्षा कर्मी जिम्मा संभालते हैं वहां मंदिर परिसर के भीतर हजारों की भीड़ में सीमित पुलिस कर्मियों की मौजूदगी के बीच व्यवस्थाएं खुद-ब-खुद बनती चली जाती हैं। इस बार खास यह भी रहा कि मेले के बीच गर्मी में खड़े श्रद्धालुओं के ऊपर दो बार इंद्रदेव बरसे, मगर उतना ही जिससे सबको राहत मिले। बरसात यहां बाबा के दरबार में आए श्रद्धालुओं के लिए बाधा नहीं बल्कि राहत की फुहार बनकर बरसी।
जिस मेले को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से तमाम तैयारियां की गई थीं, उसे बाबा नीब करौरी महाराज ने रविवार को बिना किसी व्यवधान के सफल कर दिया। सुबह के समय बारिश शुरू होते ही एक समय ऐसा लग रहा था, जैसे पूरे दिन बारिश ही होगी। बाबा की प्रति आस्था रखते हुए और हनुमान चालीसा का स्मरण करते ही बारिश के बंद होते ही श्रद्धालुओं को गर्मी से भी राहत मिल गई। श्रद्धालुओं का कहना था जैसे बाबा ने गर्मी में उन्हें ठंड की फुहार का प्रबंध करने के लिए बरसात कराई हो।
वहीं दोपहर दो बजे बाद दोबारा शुरू हुई बारिश के दस मिनट बाद ही बंद होने को श्रद्धालु बाबा का ही चमत्कार मान रहे थे। लंबी कतार में लगने के बाद श्रद्धालु बिना थके हारे धीमे-धीमे कब मंदिर पहुंचे और कब बाबा के दर्शन कर प्रसाद लेते हुए बाहर आए, उन्हें इसका अहसास ही नहीं हुआ।