नैनीताल। मंगलवार रात और बुधवार तड़के अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ खगोलीय घटना होगी जिसमें चंद्रमा सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति को कुछ समय के लिए पूरी तरह छुपा लेगा। खगोल विज्ञान में इसे लूनर ऑकल्टेशन या ग्रह पिधान कहते हैं।
एरीज विज्ञान केंद्र के प्रभारी वीरेंद्र यादव के अनुसार, मंगलवार देर रात और बुधवार तड़के चंद्रमा अपनी कक्षा में आगे बढ़ते हुए बृहस्पति को ढक लेगा। बृहस्पति को पूरी तरह गायब होने में 60 से 90 सेकंड लगेंगे। यह मुख्य नजारा उत्तरी अमेरिका, मेक्सिको और पश्चिमी अफ्रीका में भोर के समय दिखेगा। भारत में दिन के उजाले के कारण ग्रह पूरी तरह छिपता हुआ नहीं दिखेगा। हालांकि, भारतीय दर्शक सूर्योदय से ठीक पहले चंद्रमा और बृहस्पति को आकाश में करीब चमकते हुए देख सकेंगे। इस खगोलीय मिलन को ''युति'' कहा जाता है। संवाद