जिलाधिकारी दीपक रावत ने रामगढ़ क्षेत्र में विशेष छापामारी अभियान के दौरान होटलों, बाजार, संपर्क मार्गों और निजी डॉक्टरों के यहां कई अनियमितताएं पकड़ीं। सतखोल में सड़क किनारे निर्माणाधीन भवन की चहारदीवारी को सड़क से सटाकर बनाने पर डीएम नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद कानूनगो एमसी थुवाल की क्लास ली। डीएम ने रामगढ़ में क्लीनिक को सीज करते हुए डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ-साथ एक पटवारी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के भी निर्देश दिए।
देर शाम प्यूड़ा से लौटते वक्त छापेमारी के दौरान सतखोल क्षेत्र में लोगों ने डीएम को बताया कि उक्त निर्माण कार्य दिल्ली निवासी राजीव गोयल का है। यह तथ्य भी उजागर हुआ कि उक्त ढाई नाली भूमि आवासीय भवन के लिए खरीदी गई थी, लेकिन इसमें होटल बनाया जा रहा है। डीएम ने मौके पर ही निर्माणाधीन भवन की चहारदीवारी को ध्वस्त कराया। उन्होंने कानूनगो से 24 घंटे में निर्माण की पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यदि नियम विरुद्ध भवन निर्माण हो रहा है, तो इसे राज्य संपत्ति में शामिल किया जाए। उन्होंने सिमायल रैक्वाल में दिल्ली निवासी पीटर और राजकुमार द्वारा कराए गए निर्माण कार्य को भी देखा। उन्होंने कानूनगो को इन दोनों निर्माण कार्यों की भी जांच के निर्देश दिए। दिल्ली निवासी राजकुमार के बॉव्स पैलेस के निरीक्षण के दौरान डीएम को छह घरेलू सिलेंडर मिले। इस पर डीएम ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए।
रामगढ़ बाजार में डीएम ने मुरादाबाद निवासी रमेश सैनी के क्लीनिक पर छापा मारा। वह अपने प्रमाण पत्र डीएम के सामने पेश नहीं कर सका। यही नहीं क्लीनिक में गैर कानूनी तरीके से ड्रिप चढ़ाने और आक्सीजन देने के उपकरण भी मिले। डीएम ने तत्काल क्लीनिक को सीज करने और सैनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। रामगढ़ बाजार में मुख्य मार्ग पर नरेंद्र सिंह द्वारा फैलाई गई भवन सामग्री पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने भवन निर्माता की सब्जी की दुकान को सील करते हुए सड़क पर सामग्री फैलाने पर दो लाख का चालान और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश कानूनगो को दिए। डीएम ने 24 घंटे के भीतर पटवारियों से अवैध खनन, अवैध भवन निर्माण, अवैध रूप से रखी गई भवन सामग्री के संबंध में रिपोर्ट तलब की।
छापेमारी के दौरान डीएम ने मल्ली कुरौली के पटवारी सुरेश सनवाल के अनुपस्थित मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी। उन्होंने कार्यों में लापरवाही के लिए कानूनगो को भी निलंबित करने की चेतावनी दी। डीएम ने फोन पर संयुक्त मजिस्ट्रेट आशीष चौहान को निर्देश दिए कि वह अपने परगना क्षेत्र में हो रही अनियमितताओं केे लिए सघन चेकिंग अभियान चलाकर कार्यवाही करे।