दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए विद्युत वितरण उपखंड किच्छा के जेई को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत ने बृहस्पतिवार को साढ़े तीन साल का कारावास और 40 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
शिकायतकर्ता दीपक ढौंडियाल प्रोप्राइटर एवान बुसौल फैक्ट्री, लघु औद्योगिक आस्थान किशनपुर किच्छा (ऊधमसिंहनगर) ने 22 सितंबर, 2008 को तत्कालीन एसपी विजिलेंस हल्द्वानी आरपी शर्मा को शिकायती पत्र भेजा था। पत्र में कहा कि फैक्ट्री में बिजली कनेक्शन के लिए उसने विद्युत वितरण उपखंड किच्छा (ऊधमसिंहनगर) में आवेदन किया था। विभाग के जेई राकेश कुमार रस्तोगी ने उसे कनेक्शन के लिए आगणन के आधार पर पैसे जमा कराने के लिए कहा। साथ ही जेई ने कहा कि आगे की कार्रवाई तभी होगी जब 25 हजार रुपए सुविधा शुल्क मिलेगा।
एसपी विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच तत्कालीन निरीक्षक सतर्कता राकेश चंद्र थपलियाल से कराई। इसके बाद ट्रैप टीम का गठन कर 25 सितंबर, 2008 टीम दोपहर 12:10 पर जेई के आवास पर पहुंची। इसी दौरान शिकायतकर्ता दीपक ढौडियाल ने जैसे ही आरोपी जेई को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपए दिए, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
अदालत में चले मामले में संयुक्त निदेशक अभियोजन सोहन चंद्र पांडे की ओर से छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी जेई को धारा 7/13 (1-डी) के तहत दो वर्ष की सजा 20 हजार रुपए जुर्माना एवं धारा 13(2) में साढ़े तीन वर्ष की कैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।