कोसी और दाबका में चल रहा अवैध खनन अब आम हो चुका है। अब तो खनन माफिया हरे-भरे पेड़ भी जेसीबी से खोदकर निकाल रहे हैं। जबकि जिम्मेदार अधिकारी इससे अंजान बने हुए हैं।
दाबका के ज्वालावन क्षेत्र में खनन माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। खनन से दाबका और जंगल का लेबल बराबर हो गया है। खनन के साथ-साथ अब ये लोग विभिन्न प्रजातियों के हरे पेड़ भी जेसीबी की मदद से उखाड़कर ले जा रहे हैं। इस संबंध में जब तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ राहुल से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी होने से इंकार किया। वे मौके पर कर्मचारियों को भेजकर जानकारी जुटाने की बात कह रहे हैं।
बंदी के दिन भी कोसी में होता रहा अवैध खनन
रामनगर। बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के दिन भी कोसी में अवैध खनन बेरोकटोक जारी था। सोमवार को अवकाश के चलते जहां दाबका में खनन बंद था, वहीं कोसी भी खनन खुला रहा। इसमें कटियापुल, बंजारी गेट, कालूसैय्यद गेट में बेरोकटोक अवैध खनन चला। डीएफओ राहुल ने बताया कि बंजारी गेट और कटियापुल में अवैध खनन की शिकायत मिली थी, जिसे विभाग ने रोक दिया था। वहीं कालूसैय्यद गेट की जानकारी उन्हें नहीं थी।