हल्द्वानी। जिला प्रशासन ने हीरानगर स्थित महिला कांग्रेस नेता दीप्ति तिवारी के अवैध निर्माण को जेसीबी से रविवार शाम ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को देख दीप्ति बेहोश हो गई। उसने सारे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना दिया। कोई अधिकारी नहीं पहुंचने पर वह डीएम कार्यालय गई। यहां एडीएम वित्त एवं राजस्व ने जांच का आश्वासन दिया तो कांग्रेस नेता परिवार के साथ घर लौट गई।
तहसीलदार पीआर आर्या के नेतृत्व में पुलिस फोर्स जेसीबी लेकर हीरानगर पहुंची। तहसीलदार ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता तरुण कुमार बंसल ने एसडीएम को पत्र भेजकर बताया था कि कांग्रेस नेता ने सिंचाई विभाग की पनचक्की पर निर्माण कर कब्जा कर लिया है। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी से कांग्रेस नेता के लिंटर को ध्वस्त किया गया। पहले भी इस अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया था, लेकिन फिर कांग्रेस नेता ने उस पर निर्माण कर दिया।
इस कार्रवाई से हताश कांग्रेस नेता दीप्ति तिवारी मौके पर बेहोश हो गई। महिला पुलिसकर्मी ने पानी का छींटा मारा, तब वह होश में आई।
निर्माण ध्वस्त करने के बाद मौके से अधिकारी चले गए। इसके बाद कांग्रेस नेता बच्चों समेत एसडीएम कार्यालय परिसर में धरना पर बैठ गई। दीप्ति का आरोप था कि पूरा हीरानगर नजूल पर बसा है। फिर एक महिला को निशाना क्यों बनाया जा रहा है। लॉकडाउन में उसे काफी क्षति पहुंची है। जिला प्रशासन को क्षति की भरपाई करनी चाहिए।
जिला प्रशासन को काठगोदाम से लेकर हल्द्वानी तक के अवैध निर्माण को ध्वस्त करना चाहिए। मौके पर कोई अधिकारी नहीं आया तो वह डीएम कैंप कार्यालय में परिवार के साथ पहुंचीं। यहां एडीएम एसएस जंगपांगी ने पत्र लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी भी डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वह डीएम कैंप कार्यालय पर धरना देगी।