हल्द्वानी। जमरानी-अमृतपुर पेयजल योजना की डीपीआर नए सिरे से तैयार की गई है। योजना को बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं। योजना की लागत अब 355 करोड़ रुपये से बढ़कर 500 करोड़ रुपये पहुंच गई है। तैयार डीपीआर शासन को भेजी जा रही है। योजना 30 साल की संभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए बनाई जा रही है।
अमृतपुर से एकसमान व्यास की दो समानांतर मुख्य लाइनें बिछाई जाएंगी ताकि किसी एक के खराब होने पर दूसरी लाइन से पेयजल सप्लाई सुचारु होती रहे। पानी टेप करने के लिए बांध के समीप इनटेक वेल बनाया जाएगा।
जलनिगम जमरानी बांध से शहर की पेयजल योजना का निर्माण करेगा। जल निगम अमृतपुर से दमुवाढूंगा में प्रस्तावित ट्रीटमेंट प्लांट तक 800-800 मिमी व्यास की दो समानांतर मुख्य पेयजल लाइनें बिछाएगा। अमृतपुर से 117 एमएलडी पानी लिया जाएगा। प्रत्येक लाइन से 58.5-58.5 एमएलडी पानी ट्रीटमेंट प्लांट के लिए छोड़ा जाएगा। दमुवाढूंगा में 72 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। चार एमएलडी पानी शीतलाहाट पेयजल योजना में छोड़ा जाएगा।
इससे काठगोदाम-शीशमहल क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति की जाएगी। गौला का 30 एमएलडी पानी भी शहर में वितरित किया जाएगा। पेयजल वितरण की जोन वाइज व्यवस्था होगी ताकि किसी एक जोन में सप्लाई बाधित होने पर अन्य दूसरे जोन की आपूर्ति सुचारु होती रहे।
60 वार्डों के लिए यह हैं पेयजल वितरण के जोन
शीतलाहाट, शीशमहल, नैनीताल रोड, रामपुर रोड, नवाबी रोड, लालडांठ, कठघरिया-ऊंचापुल, हल्दीखाल, गौलाफीडिंग मुख्य शहर।
21 नए जलाशय बनेंगे
60 वार्डों में पेयजल वितरण के लिए 21 नए जलाशय भी बनाए जाएंगे। सभी जोनों को सीधे ट्रीटमेंट प्लांट से पेयजल सप्लाई की जाएगी।
एडीबी बनाएगा आंतरिक वितरण सिस्टम
हल्द्वानी शहर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो दो हजार करोड़ रुपये की घोषणा की थी, उसी के तहत शहर की आंतरिक पेयजल वितरण व्यवस्था एडीबी करेगा। जमरानी परियोजना से शहर की पेयजल वितरण व्यवस्था का पूरा नया सिस्टम तैयार किया जाएगा।
जमरानी-अमृतपुर पेयजल योजना का संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें मुख्य पेयजल लाइन में तकनीकी बदलाव किया गया है। जल्द प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
- एके कटारिया, अधिशासी अभियंता, जलनिगम।