हल्द्वानी नहर के ऊपर बना सौरभ होटल का पार्क। अमर उजाला
हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना के तहत नहरों के नवीनीकरण की रफ्तार अतिक्रमणों के कारण थम गई है। 294 चिह्नित अतिक्रमणों में से अब तक केवल 29 ही हटाए जा सके हैं। ये स्थिति तब है जब अधिकतर अतिक्रमणकारियों को दो-तीन बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इससे महत्वाकांक्षी परियोजना का कार्य प्रभावित हो रहा है और तय समयसीमा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक नहरों के नवीनीकरण से पहले गौलावार फीडर कैनाल में सर्वाधिक 252 अतिक्रमण चिह्नित हुए थे। इसमें 147 अतिक्रमणकारियों को दूसरी बार और 45 को तीसरी बार अतिक्रमण हटाने का नोटिस भेजे जा चुके हैं। इस नहर पर अब तक 23 अतिक्रमण ध्वस्त हुए हैं। पाहा फीडर कैनाल में 41 अतिक्रमण चिह्नित हुए थे। 11 अतिक्रमणकारियों को दूसरी बार नोटिस भेजकर छह अतिक्रमण तोड़े गए हैं। हरिपुरा फीडर कैनाल में इकलौते अतिक्रमणकारी को नोटिस जारी किया जा चुका है।
सितंबर 2027 तक होना है पहले चरण का काम
नहरों के नवीनीकरण का मकसद नहरों की डिस्चार्ज क्षमता बढ़ाना और नई नहरों का निर्माण करना है। इसके लिए 60 किलोमीटर निर्माण और नवीनीकरण प्रस्तावित है। 371 करोड़ रुपए की इस परियोजना के पहले चरण में सितंबर 2027 तक 22 किमी कार्य होना है। शेष कार्य वर्ष 2029 तक पूरे होने हैं।
होटल और व्यावसायिक भवन भी अतिक्रमण की जद में
बरेली रोड पर एक स्टोन क्रशर संचालक ने नहर से 300 मीटर तक अतिक्रमण किया है। अभी यह प्रकरण राजस्व विभाग के पास है। शहर के कई अन्य होटल और व्यावसायिक भवन भी अतिक्रमण के दायरे में है।
12.6 किमी कार्य पूरा
गौलावार मेन में गौला बैराज से कॉलटैक्स काठगोदाम तक 1.10 किलोमीटर नहर का कार्य होना है। 16.20 किलोमीटर नहर का पुनर्निर्माण कर इसकी डिस्चार्ज क्षमता 22 क्यूसेक की जा रही है। इस फीडर में 6.6 किमी निर्माण पूरा हो चुका है। पाहा फीडर में 8.42 किमी के सापेक्ष छह किमी कार्य पूरा हो गया है।
अधिकतर नहरों के इर्द-गिर्द अतिक्रमणकारी काबिज हैं। नोटिस जारी करने के बाद भी यदि कोई स्वयं अतिक्रमण नहीं हटा रहा है तो प्रशासन की मदद से कब्जे को ध्वस्त कराया जा रहा है। नहरों के नवीनीकरण का काम तय समय पर पूरा कराया जाएगा।
-ललित कुमार, उप महाप्रबंधक, जमरानी बांध परियोजना