नैनीताल रोड पर कई स्कूल हैं, जिनमें छुट्टी होने का समय करीब एक ही है। ऐसे में जब स्कूल बस, बच्चों को लाने-ले जाने वाले टेंपो और वैन से लेकर निजी वाहन एक साथ सड़क पर आते हैं, तो जाम लगता है। यह किस्सा करीब हर दिन का है, लेकिन इस समस्या का हल निकालने की कोशिश अब तक नहीं हुई है।
नैनीताल रोड और आसपास ही करीब छह स्कूल हैं। इन स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें लाने और छोड़ने के लिए बस से लेकर दूसरे वाहन लगे हैं। सुबह के वक्त जब ट्रैफिक कम होता है तो इतना असर दिखाई नहीं पड़ता है, लेकिन जब यह स्कूल अमूमन जो कि दोपहर में एक से दो बजे के बीच एक ही समय पर छूटते हैं, तो हर तरफ इनके वाहनों का रेला और जाम लग जाता है। इसमें स्कूलों की भी बस, वैन से लेकर आम यात्रियों वाहन फंस जाते हैं। जाम भी घंटों में खुलता है, जबकि इस मुख्य मार्ग का इस्तेमाल बाहर से आने वाले सैलानी से लेकर पहाड़ को जाने वाले लोग भी बड़ी संख्या में करते हैं।
इस जाम की स्थिति से शायद ही कोई अफसर ऐसा हो जो कि वाकिफ ने हो। कई तो इसमें फंसे भी होंगे, पर मजाल है कि प्रशासन या फिर पुलिस ने इसका कोई हल तलाशने की कोशिश की हो, जबकि स्कूल प्रबंधनों से बातचीत कर उनके स्कूलों के छूटने के समय में आंशिक बदलाव कर, अतिरिक्त यातायात सिपाहियों की व्यवस्था आदि कर इसका हल निकालने का प्रयास हो सकता है।