नैनीताल। नैनीताल जिला कारागार में बंद विचाराधीन बंदी ने रविवार को अपनी जान लेने की कोशिश की, जिससे जेल प्रशासन में खलबली मच गई। जेल कर्मियों ने लहूलुहान हालत में उसे बीडी पांडे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी तब जाकर जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी निवासी वसीम यहां जिला कारागार में एनडीपीएस के मामले में विचाराधीन बंदी है। बीते आठ जून को उसे जिला कारागार लाया गया। रविवार शाम जेल परिसर में निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाली लोहे की जाली से एक तार वसीम ने निकाल लिया और उसी तार से फंदा बनाकर गले में डाला और खुदकुशी की कोशिश की। वहां मौजूद जेल कर्मियों ने किसी तरह उसे रोका। इसके बाद उसे बीडी पांडे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाॅ. प्रतीक ने उसका प्राथमिक उपचार किया और उसे छुट्टी दे दी। जेलर के अनुसार बंदी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा गया है। इस मामले में जेलर की ओर से तल्लीताल थाने में बंदी के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है। मनोचिकित्सक से भी बंदी की काउंसिल कराई जाएगी।
जेलर संजय ह्यांकी का कहना है कि जेल में विचाराधीन बंदी वसीम नशे का आदी है। रविवार को उसने रेता बजरी छानने वाली जाली से तार निकालकर जान देने की कोशिश की वहां मौके पर मौजूद जेल कर्मियों ने उसे बचा लिया। वसीम के परिजनों को जानकारी दे दी है। उनका कहना है कि वह घर में भी अपने ऊपर जानलेवा हमला कर चुका है। वह मानसिक रूप से बीमार भी है। अस्पताल से लाने के बाद जेल में वसीम की काउंसलिंग भी की जा चुकी है।